स्किल डेव्हलपमेंट से जुड़कर जशपुर अंचल की बेटियां बन रही हैं आत्मनिर्भर

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कुनकुरी की कुमारी नेहा खाखा ने 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद जशपुर के नवगुरूकुल शिक्षण संस्थान में प्रवेश परीक्षा पास कर फाइनेंस स्किल प्रोग्राम जॉइन किया। एक वर्ष के अध्ययन उपरांत आज वे इसी संस्थान में एसोसिएट टीचर के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिमाह 15 हजार रुपए का वेतन प्राप्त कर रही हैं। वे कहती हैं कि नवगुरूकुल ने मेरी जिंदगी की दिशा बदल दी। यहाँ आकर मैंने एआई फीचर और गूगल शीट जैसे आधुनिक टूल्स को सीखा। आज मैं न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर हूँ बल्कि अन्य छात्राओं को पढ़ाकर उन्हें भी आगे बढ़ा रही हूँ।

पत्थलगाँव की कुमारी वृंदावती यादव ने प्रोग्रामिंग स्कूल जॉइन किया। 15 माह के कोर्स उपरांत वे आज पार्ट-टाइम इंटर के रूप में कार्य कर रही हैं और प्रतिमाह 13 हजार रुपए कमा रही हैं। मुझे लगा था कि आर्थिक स्थिति के कारण मैं आगे नहीं बढ़ पाऊँगी, आज मैं पढ़ाई के साथ काम कर रही हूँ और खुद को तकनीकी रूप से सक्षम महसूस करती हूँ। बगीचा की कुमारी उषा यादव को बचपन से ही डिजाइनिंग का शौक था, परंतु पारिवारिक आर्थिक स्थिति के कारण वे ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स नहीं कर पाईं। उन्होंने निःशुल्क ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी अब मैं बिजनेस की पढ़ाई कर रही हूँ और आगे खुद का स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रही हूँ।