शर्मा ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पर हाईकोर्ट के फैसले के संबंध में कहा कि यह वर्ष 2021 की भर्ती थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने इस भर्ती के पेपरलीक को लेकर वर्ष 2023 तक कोई कार्रवाई नहीं की और युवाओं के साथ कुठाराघात किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के गठन के साथ ही हमने 16 दिसंबर को एसआईटी का गठन किया। जिसके परिणामस्वरूप एसओजी ने 56 ट्रेनी एसआई के साथ ही कई दोषियों को पकड़ा। हमारी सरकार की कार्रवाई ने इस फैसले का आधार बनाने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। पेपरलीक के खिलाफ कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री के पीएसओ तक पहुंच चुकी है। आगे और भी मगरमच्छ पकड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवाओं को कांग्रेस ने रूलाने का काम किया। हमारी सरकार में पिछले डेढ़ साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता से परीक्षाएं आयोजित कर समय पर युवाओं को नौकरियां दे रही है और हमने पूरे साल का परीक्षा कलैण्डर भी निर्धारित किया है।