सीबीआई के मुताबिक, घटना 4 मई 2021 की है। गिरफ्तार आरोपित का नाम उस्मान अली उर्फ आरा उर्फ मीर उस्मान अली है। उस पर घर में घुसकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। इस मामले की जांच सीबीआई ने 30 अगस्त 2021 को अपने हाथ में ली थी। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 5 मई 2022 को तमलुक (पूर्व मेदिनीपुर) की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। हालांकि कलकत्ता हाई कोर्ट ने 25 सितंबर 2024 को आरोपित को जमानत दे दी। इसके बाद सीबीआई ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और एक विशेष अनुमति याचिका दाखिल की, लेकिन कोर्ट का नोटिस मिलने के बावजूद न तो आरोपित और न ही उसका वकील कोर्ट में हाजिर हुए। विगत 2 अगस्त को आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।