हमीरपुर नगर के हाथी दरवाजा मोहाल में यमुना नदी किनारे महावीर मंदिर स्थित है। यहां श्रीराधा कृष्ण का मंदिर भी है जहां सैकड़ों साल पुरानी प्रतिमाएं विराजमान है। बाहर हिस्से में नयनाभिराम हनुमान जी की प्रतिमा स्थित है। मंदिर के महंत हरिनारायण द्विवेदी ने बताया कि ये मंदिर मराठा काल में बना था। हनुमान जी का मंदिर और आसपास के स्थल भी चूने पत्थर से बनाए गए थे। जो आज भी मजबूती की बेमिसाल कायम किए है। मंदिर की कारीगरी और नक्काशी बड़ी ही अद्भुत है। यह मंदिर यमुना नदी किनारे बना होने के कारण सूर्याेदय की पहली किरण से पूरा मंदिर और प्रतिमाएं रोशन होती है। महंत ने बताया कि यह मंदिर बिना गुंबद का बना है जिसकी दीवालों में लोहे की कील भी नहीं ठोकी जा सकती है। मंदिर अंडाकार बना है जिसे किसी भी दिशा से देखने पर एक ही जैसे आकार का दिखता है। मंदिर का निर्माण मराठा काल में पेशवा बाजीराव ने सत्रह सौ तेइस में कराया था।
श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर आधी आबादी होगी शामिलमंदिर के महंत ने बताया कि सदियों पुराने मंदिर में बाजीराव पेशव भी अपने परिवार के साथ यहां माथा टेकने आते थे। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है जो सदियों साल बीतने के बाद भी आज भी सुरक्षित है। बताया कि श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी हो गई है। रात बारह बजते ही जन्मोत्सव की धूम मचेगी। मंगला आरती के बाद यहां श्रीकृष्ण के लिए छप्पन प्रकार का भोग चढ़ाया जाएगा। जन्मोत्सव पर हाथी दरवाजा, सुनराही गली, कजियाना, आर्यसमाज, रहुनियां, पटकाना, मिश्राना व ओमर नगर समेत तमाम इलाकों से आधी आबादी शामिल होगी।