छत्तीसगढ़ के बस्तर में 448 बाढ़ पीड़ितों को मिली मदद, पानी उतरने पर प्रभावित जा रहे अपने घर

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इसी कड़ी में सोमवार को रात से हो रही लगातार बारिश के बाद निर्मित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले में सात स्थानों में राहत शिविर खोले गए और यहां बाढ़ पीड़ितों को ठहरने सहित आवास, भोजन तथा चिकित्सा जैसी अत्यावश्यक सेवाएं प्रदान की गई। इनमें लोहंडीगुड़ा तहसील के माध्यमिक विद्यालय मांदर में 250, तोकापाल तहसील के प्राथमिक विद्यालय मटकोट में 40, तेलीमारेंगा ग्राम पंचायत भवन में 15, राजूर ग्राम पंचायत भवन में 16, प्राथमिक विद्यालय भवन पलवा में 60, बेड़ागुड़ा ग्राम पंचायत भवन में 40 और दरभा तहसील के मंगनार ग्राम पंचायत भवन में 28 बाढ़ पीड़ितों को ठहराया गया था।

बुधवार को बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही बाढ़ प्रभावित अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं। वहीं बुधवार को भी जिला प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों माध्यमिक विद्यालय मांदर में 100, प्राथमिक विद्यालय मटकोट में 40, तेलीमारेंगा ग्राम पंचायत भवन में 10 और मंगनार ग्राम पंचायत भवन में 28 बाढ़ पीड़ित रुके हुए हैं।

बस्तर जिले में हुई इस अतिवृष्टि से तहसील बास्तानार क्षेत्रांतर्गत ग्राम सांवगेल बीजापारा बास्तानार में रात को मकान गिरने से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है तथा तहसील दरभा अंतर्गत कुटुमसर से दरभा जाने का रास्ता कांगेर घाटी नाला में नाला पार करते समय तेज बहाव से कार सवार चार लोगों का निधन हो गया है। वर्तमान में शासन-प्रशासन द्वारा अतिवृष्टि से हुई क्षति की जानकारी प्राप्त करने हेतु तेजी से सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क एवं पुल-पुलिया का मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन ने लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक में अतिवर्षा से हुई क्षति का जायजा लिया और प्रभावितों से भेंटकर उन्हें हरसम्भव मदद करने का भरोसा दिलाया। वहीं उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।