अजमेर, 6 अगस्त । किशनगढ़ एयरपोर्ट की अवाप्त जमीन के मुआवजे को लेकर न्यायालय के आदेश पर अजमेर अतिरिक्त जिला कलेक्टर द्वितीय (भूमि रूपांतरण) वंदना खोरवाल के कक्ष की कुर्की की कार्रवाई की गई। बुधवार सुबह न्यायालय के नाजिर ने मुनादी कर नोटिस चस्पा किया, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में खलबली मच गई।
मामला किशनगढ़ एयरपोर्ट निर्माण के लिए अवाप्त की गई जमीन से जुड़ा है, जिसके मुआवजे को लेकर मूल सिंह और जगजीत सिंह नामक दो किसानों ने अदालत की शरण ली थी। उनका कहना था कि सरकार द्वारा प्रस्तावित मुआवजा उन्हें स्वीकार नहीं था, इसलिए उन्होंने मुआवजा लेने से इनकार करते हुए कानूनी रास्ता अपनाया। एक परिवादी ने बताया कि इस मामले में वर्ष 2022 में एसीजेएम कोर्ट ने दोनों परिवादियों के पक्ष में अवार्ड पारित किया था। कोर्ट के अनुसार सरकार पर करीब 1 अरब 20 करोड़ रुपये का मुआवजा बकाया है।
इसी आदेश की पालना में न्यायालय के नाजिर ने बुधवार सुबह टीम के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम द्वितीय के कक्ष पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया और मुनादी करवाई। नाजिर ने स्पष्ट किया कि कुर्की के बाद अब यह संपत्ति न तो बेची जा सकेगी और न ही स्थानांतरित की जा सकेगी।
उधर, एसीजेएम कोर्ट ने एडीएम (भूमि रूपांतरण) को आगामी 8 अगस्त 2025 को अदालत में हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में अच्छी-खासी भीड़ जमा हो गई। अधिकारी-कर्मचारी से लेकर आम लोग तक मुनादी का कारण जानने के लिए उत्सुक नजर आए। चर्चाओं का दौर देर तक चलता रहा।