निर्माण मजदूरों को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला सचिव संदीप जाजवान ने बताया कि 10 जुलाई को प्रदेश के कल्याण बोर्ड ने श्रम मंत्री अनिल विज की सिफारिश पर निर्माण मजदूरों के तमाम कार्य पर यह कहकर रोक लगा दी कि कल्याण बोर्ड में भ्रष्टाचार फैला हुआ है जो पंजीकरण करवाने, काम की तस्दीक करवाने, सुविधा राशि जारी करवाने में उजागर हुआ है। इस प्रकार का फैसला बेहद शर्मिंदगी भरा हैं और मजदूर विरोधी हैं जिसे यूनियन किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी। सीटू जिला सचिव कपूर सिंह ने निर्माण मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बजाए मजदूरों को बलि का बकरा बना रही है।
मजदूरों के तीन-तीन महीनों से सुविधा के आवेदन 100 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं लेकिन जांच के नाम पर अस्थाई रोक लगा दी है। बीजेपी सरकार ने शुरू से ही मजदूरों के हकों पर डाका डाला है। कई-कई सालों से कन्यादान, पितृत्व-मातृत्व, स्कूटी, मृत्यु आदि के आवेदनों की राशि रुकी हुई है और आवेदनों पर बार-बार अनाप-श्नाप आपत्तियां लगा रही हैं। इस कारण मजदूरों में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आगामी 28 अगस्त को जिला स्तरीय आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा और जिला पर पड़ाव डाला जाएगा। उन्होंने मांग की कि बंद किया गया पंजीकरण तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। पास हुए आवेदनों की सहायता राशि जारी की जाए। कल्याण बोर्ड में अधिकारीयों व कर्मचारियों की स्थाई भरती करके स्वतंत्र ढांचा खड़ा किया जाए। 90 दिन के काम की तस्दीक का अधिकार यूनियनों को दिया जाए। फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।