आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी को इस क्षेत्र में तैनात इकाइयों और फोर्मेशन्स की ऑपरेशनल रेडीनेस, वर्तमान सुरक्षा स्थिति, प्रशिक्षण गतिविधियों और चेतक कोर की परिचालन रसद व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के बीच मजबूत सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने में प्रदर्शित उत्कृष्ट तालमेल की सराहना की। उन्होंने सभी रैंकों की उच्च स्तरीय प्रतिबद्धता और पेशेवर क्षमता की प्रशंसा की तथा सफलतापूर्वक सौंपे गए कार्यों के निष्पादन में ऑपरेशनल रेडीनेस और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी रैंकों से नवीनतम तकनीकी प्रगतियों, उभरते सुरक्षा खतरों से अवगत रहने तथा ऐसे खतरों से निपटने के लिए सदैव तैयार रहने का आह्वान किया।
डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने बताया कि आर्मी चीफ ने 1971 के ऐतिहासिक नागी युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों, प्रमुख नागरिकों और नागरिक योद्धाओं से भी बातचीत की। उन्होंने कर्नल सतपाल राय गब्बा (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट कर्नल जगजीत सिंह मान (सेवानिवृत्त), सीएफएन बनवारी लाल स्वामी (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर (होनोरेरी कैप्टन) शीश राम (सेवानिवृत्त) को सशस्त्र बलों, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया।