इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों को किसान सभा नेता कुशाल भारद्वाज, जोगिंदर वालिया, परस राम, रामजी दास, जगमेल ठाकुर, भारत की जनवादी नौजवान सभा के नेता सुरेश सरवाल, सीटू नेता राजेश शर्मा, जनवादी महिला समिति की नेत्री वीना वैद्य तथा एसएफआई से दीपक ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों व मजदूरों व अन्य जनसंगठनों के नेताओ ने भी हिस्सा लिया जिनमें रमेश गुलेरिया, हेम राज, अजय वैद्य, गोपेन्द्र, रीना, सुरेन्द्र , पोविंद्र, अंकुर आदि भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज व जोगिंदर वालिया ने बताया कि हम अमेरिका द्वारा थोपें गए एकतरफा टैरिफ का विरोध कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा थोपें गए टैरिफ हम भारत की संप्रभुता पर हमला मानते हैं। किसान सभा ने मांग की कि भूमि सुधार कानूनों का पूर्ण कार्यान्वयन एवं आजीविका अधिकारों की रक्षा की जाए, कृषि क्षेत्र में कॉरपोरेट की घुसपैठ रोकी जाए सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए। वन संरक्षण कानून 1980 में संशोधन किया जाए तथा 1952 की अधिसूचना को रद्द किया जाए। वनाधिकार कानून को पूरी तत्परता से लागू किया जाए। सभी किसानों को 5 बीघा तक जमीन दी जाए तथा बेदखली को रोका जाए।