विभागीय पत्र में कहा गया है कि यदि कोई थोक या खुदरा विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचते पाया जाता है तो उसके खिलाफ लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में पूरे राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता, मानकों और बिक्री दर की गहन जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने किसानों से किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत सीधे किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-123-116 पर दर्ज कराने की अपील की है। साथ ही कृषकों और विक्रेताओं से यह भी अनुरोध किया गया है कि केवल उन्हीं विक्रेताओं से उर्वरक खरीदें जिन्हें जिला कृषि कार्यालय से विधिवत लाइसेंस प्राप्त हो।