एआरवाई न्यूज चैनल की खबर के अनुसार इमरान खान का फैसला नेशनल असेंबली में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के तीन प्रमुख पदों विपक्ष के नेता, संसदीय नेता और उप संसदीय नेता के आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित होने के बाद आया है। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने नौ मई के दंगों के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता उमर अयूब और सीनेट में विपक्ष के नेता शिबली फराज सहित पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सांसदों को अयोग्य घोषित किया जा चुका है।
अयोग्य घोषित सांसदों में नेशनल असेंबली सदस्य जरताज गुल, एमएनए राय हैदर अली, एसआईसी अध्यक्ष हामिद रजा और राय हसन नवाज शामिल हैं। इसके अलावा, सांसद अंसार इकबाल, जुनैद अफजल साही और मोहम्मद मुर्तजा इकबाल को भी अयोग्य घोषित किया जा चुका है। फैसलाबाद स्थित एक आतंकवाद-रोधी अदालत (एटीसी) ने 9 मई के दंगों के मामलों में उमर अयूब, जरताज गुल, शिबली फराज सहित पीटीआई नेताओं को 10 साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद अयोग्यता की अधिसूचना जारी की गई। विवरण के अनुसार, पूर्व पीटीआई नेता फवाद चौधरी, जैन कुरैशी और ख्याल कास्त्रो को इन मामलों में बरी कर दिया गया है।
दूसरी ओर, पीटीआई के सांसद जुनैद अफजल साही को तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई है, जबकि शेख राशिद के भतीजे शेख राशिद शफीक, एसआईसी प्रमुख साहिबजादा हामिद रजा को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है। अन्य दोषी पीटीआई नेताओं में राय हसन नवाज, राय मुर्तजा इकबाल, चौधरी बिलाल इजाज, फारुख आगा, फरखुंदा कोकब, कंवल शौजाब, मोहम्मद अहमद चट्ठा, चौधरी आसिफ अली, शकील अहमद खान नियाजी, सरदार अजीमुल्ला खान, मेहर मोहम्मद जावेद और मुहम्मद अंसार इकबाल शामिल हैं।