शोभा यात्रा में शामिल अलग-अलग झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इनमें मुख्य रूप से श्री कृष्ण विमान, भारत माता, फांसी पर झूलते भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की जीवंत झांकियां शामिल थीं। इसके साथ ही भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश और भरत बाण में हनुमान की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभा यात्रा में बैंड-बाजे और डीजे की धुनों ने भक्तिमय माहौल बना दिया। शोभा यात्रा जब हरचंदन तालाब पहुंची तो वहां मौजूद हजारों दर्शकों के मध्य श्रीकृष्ण द्वारा नाग नाथ लीला का मंचन किया गया। इसके बाद छोटी बाजार में कंस वध के मंचन के साथ ही शोभा यात्रा का समापन हुआ। शोभा यात्रा को देखने के लिए बाजार, मैथिली शरण मार्ग की सड़कों और मकानों की छतों पर लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।