इस अवसर पर एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को प्री-स्क्रीनिंग के नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि एनसीसी सैन्य सेवा में प्रवेश का मुख्य द्वार है जहां से राष्ट्र के भविष्य निर्माता अपने सफर की शुरुआत करते हैं। यह केवल एक चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक आदर्श कैडेट के निर्माण की पहली सीढ़ी है। जो छात्र इसे गंभीरता से लेते हैं, वे न केवल एनसीसी में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में अग्रणी बनते हैं। उन्होंने कहा कि एनसीसी से अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की प्रेरणा मिलती है। 102 यूपी बटालियन के जेसीओ सूबेदार धरेश माने ने कहा कि प्री-स्क्रीनिंग में दृढ़ निष्ठा, शारीरिक योग्यता और मानसिक तत्परता की परख होती हैं। एनसीसी प्री-स्क्रीनिंग में कैडेट्स का चयन विभिन्न चरणों के माध्यम से किया जाता है, जिसमें उनकी शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा संगठन के प्रति समर्पण की परीक्षा ली जाती है।