बैठक में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में जिले में मादक पदार्थों के उत्पादन, भंडारण और सेवन पर रोकथाम के लिए दीर्घकालिक कार्य योजना पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अवैध अफीम की खेती में इस्तेमाल जमीनों और वन भूमि पर वैकल्पिक खेती और वनरोपण को बढ़ावा दिया जाए, साथ ही संबंधित ग्रामीणों को कृषि और वाणिज्यिक गतिविधियों से जोड़ा जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले नुकसान और उससे बचने के उपायों पर जागरूकता के लिए जिले भर में कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। खासकर विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रत्येक माह कम से कम एक दिन इस विषय पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
साथ ही, ड्रग्स व नशीली दवाओं की तस्करी, खरीद-बिक्री और अवैध खेती से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने, परामर्श और पुनर्वास सहायता के लिए आम लोगों के लिए टोल फ्री नंबर 1933 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त आपातकालीन सूचना के लिए 112 नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।