शिविर में एएसपी राकेश सिंह, हुसैनाबाद के एसडीएम ओमप्रकाश गुप्ता, एसडीपीओ मोहम्मद याकूब सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
शिविर का उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को सीधा ग्रामीणों तक पहुंचाना, उनकी समस्याएं सुनना और त्वरित समाधान करना। शिविर में सैकडों ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान जमीन विवाद, वृद्धा पेंशन, शिक्षा, आंगनबाड़ी, नक्सली आत्मसमर्पण योजना जैसी जनसमस्याओं को प्राथमिकता से सुना गया।
शिविर के दौरान पूर्व नक्सली अजय यादव की पुत्री नेहा कुमारी ने जो विचार व्यक्त किए, उसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो गए। नेहा ने कहा कि नक्सलवाद हमारे समाज के लिए एक गंभीर और घातक बीमारी है। मेरे पिता भी कभी मुख्यधारा से भटक गए थे और नक्सलियों की राह पर चल पड़े। लेकिन हमें मिला क्या। एक दिन वह मारे गए और हमारे सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया।
बचपन से लेकर अब तक हमने सिर्फ संघर्ष और खालीपन देखा है। मैं आज हर युवा से कहना चाहती हूं कि नक्सलवाद से दूर रहें और सरकार की योजनाओं से जुड़कर अपनी जिंदगी बेहतर बनाएं। शिक्षा और विकास ही असली रास्ता है। मैं पलामू पुलिस का आभार प्रकट करती हूं जो आज हमारे गांव तक पहुंच रही है, हमारी बात सुन रही है और हमें सही दिशा दिखा रही है।
नेहा की यह बात न केवल गहरी संवेदना से भरी थी, बल्कि युवाओं के लिए एक सशक्त प्रेरणा भी बनी।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय के बच्चों के बीच खेलकूद सामग्री जैसे बॉल, बल्ला, विकेट का वितरण भी किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई और माहौल और भी जीवंत हो उठा।