देश में हर वर्ष 50 हजार लोग सर्पदंश से तोड देते हैं दम : संतोष

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कार्यक्रम भारत सरकार की राष्ट्रीय सर्पदंश रोकथाम और नियंत्रण योजना (एनएएसपीई) के तहत हुआ। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों को प्राथमिक उपचार की विधियों की जानकारी दी गई।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि हर वर्ष भारत में लगभग 50 हजार लोग सर्पदंश का शिकार होकर दम तोड़ देते हैं और यह आंकड़ा 10 हजार की वार्षिक वृद्धि के साथ बढ़ रहा है। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक सर्पदंश से होने वाली मौतों में 50 प्र‍तिशत तक कमी लाना है। शिविर में एएनएम, जेएनएम, लैब टेक्नीशियन, कोल्ड चेन हैंडलर, सहिया सहित अन्‍य शामिल हुए।
प्रशिक्षण शिविर में प्रोजेक्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से विषैले और विषहीन सर्पदंश के लक्षणों की पहचान और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई।
साथ ही कुत्ते के काटने से होने वाली रेबीज बीमारी पर भी टेलीफिल्म के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।
वहीं दूसरी पाली में मॉक ड्रिल के जरिए फायर फाइटिंग उपकरणों के प्रयोग की विधियां और एलपीजी गैस लीक के दौरान आग बुझाने की तकनीक डेमोंस्ट्रेटर शंकर प्रसाद ने समझाईं। मौके पर प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण को जीवनरक्षक बताते हुए नियमित आयोजन की मांग की।
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य प्रबंधक सुमन कुमार मंडल, एएनएम पिलानी महतो, रेणुका मिंस, लैब टेक्नीशियन शिवनाथ गोराई सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।