परिवार के स्तंभ होते हैं पिता :  सकलदीप भगत

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परिवार के स्तंभ होते हैं पिता :  सकलदीप भगत

खूंटी, 15 जून (हि.स.)। श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में रविवार को फादर्स डे धूमधाम से केक काटकर मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने संगीत, पेंटिंग, कविता, निबंध एवं ग्रीटिंग्स के माध्यम से ईश्वर की अनमोल कृतियों में एक “पिता “के महत्व को बताया।

सुषमा मुंडू ,सेजल कुमारी तथा शिवचंद ने भाषण के माध्यम से पिता के महत्व का बखान किया। संस्थान के निदेशक सकलदीप भगत ने छात्र-छात्राओं को अपने संबोधन में कहा पिताजी कभी अपनी कोई तकलीफ नहीं बताते बल्कि वे परिवार के लोगों की हर जरूरत और तकलीफ का पूरा ध्यान रखते हैं। पिता परिवार के स्तंभ होते हैं। इन्हीं सब विशेषताओं के कारण पिता की महानता और अधिक बढ़ जाती है और उनकी तुलना दुनिया में किसी से भी नहीं की जा सकती। पिता प्रत्येक बच्चे के लिए धरती पर ईश्वर का साक्षात रूप होते हैं।

वे अपनी संतान को सुख देने के लिए अपने सुखों को भी भूला देते हैं। वे रात दिन अपने बच्चों के लिए ही मेहनत करते हैं और उन्हें वे हर सुविधा देना चाहते है जो उन्हें भी कभी नहीं मिली। कई बार छोटी सी तनख्वाह में भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पिता कर्ज में भी डूब जाते हैं लेकिन बच्चों के सामने कभी कोई परेशानी जाहिर नहीं करते। शायद इसीलिए पिता, दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने छात्र छात्राओं से कहा अपने माता-पिता का सम्मान एवं उनका ख्याल रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है इसका निर्वहन निष्ठा पूर्वक करें। कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राओं के साथ साथ शिक्षिका रिया और सावित्री भी मौजूद थीं।

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