फतेहाबाद में रोवर तकनीक से भूमि पैमाइश पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

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फतेहाबाद में रोवर तकनीक से भूमि पैमाइश पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने दिया प्रशिक्षण

फतेहाबाद, 15 मई (हि.स.)। जिले में भूमि पैमाइश के कार्य को और अधिक आधुनिक, तीव्र और सटीक बनाने के उद्देश्य से गुरूवार को डीपीआरसी हॉल में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ से आई सर्वे ऑफ इंडिया की विशेषज्ञ टीम ने नवीनतम रोवर तकनीक के माध्यम से भूमि की पैमाइश करने के तरीकों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर राजस्व विभाग के अधिकारियों के अलावा राजस्व पटवारी, कानूनगों व प्रशिक्षणाधीन राजस्व पटवारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों को जीएनएसएस आधारित रोवर तकनीक के उपयोग, संचालन एवं व्यावहारिक अनुप्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि सरकार द्वारा भूमि रिकाड्र्स के डिजिटलीकरण और विवादमुक्त बनाए जाने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि रोवर तकनीक से भूमि की पैमाईश कम समय में और अत्यधिक सटीकता के साथ की जा सकेगी, जिससे आमजन और किसानों को आर्थिक व समय की दृष्टि से लाभ मिलेगा। साथ ही भूमि विवादों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। उपायुक्त ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशासनिक कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से अपील की कि वे इस तकनीक को अच्छे से आत्मसात करें और इसे फील्ड में प्रभावी रूप से लागू करें। रोवर उपकरण की कार्यप्रणाली को अनुभव के माध्यम से समझाकार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने रोवर उपकरण की कार्यप्रणाली को अनुभव के माध्यम से समझा। उन्हें बताया गया कि आने वाले समय में जिले में भूमि पैमाईश के अधिकतर कार्य इसी तकनीक से किए जाएंगे। इस प्रशिक्षण के माध्यम से राजस्व कर्मचारियों को एक सशक्त तकनीकी आधार मिलेगा, जिससे वे अपने कार्यों को आधुनिक तकनीक से लैस कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट आधारित सटीक आंकड़ों के जरिए भूमि की वास्तविक स्थिति को चिन्हित किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पारंपरिक विधियों की तुलना में न केवल तेज है, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावना को भी न्यूनतम कर देती है। गिलांखेड़ा जाकर भूमि पैमाइश करके डेमो दिखाया प्रशिक्षण कार्यक्रम उपरांत गांव गिल्लांखेड़ा में जाकर सर्वे ऑफ इंडिया की विशेषज्ञ टीम ने रोवर के माध्यम से भूमि की पैमाइश करके डेमो दिखाया गया। इस मौके पर उपस्थित पटवारियों, कानूनगो तथा अन्य अधिकारियों को व्यावहारिक रूप से तकनीक के प्रयोग की जानकारी दी गई। टीम ने मौजूद अधिकारियों को यह दिखाया कि कैसे कुछ ही मिनटों में अत्याधिक सटीकता के साथ भूमि की सीमाओं की पहचान और माप की जा सकती है। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीडीपीओ अनूप सिंह, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के उप निदेशक अमित पंवार सहित संबंधित तहसीलदार, उप तहसीलदार व सभी राजस्व पटवारी, कानूनगो एवं प्रशिक्षणाधीन राजस्व पटवारी उपस्थित रहे।