1971 भारत-पाक युद्ध की तैयारी: ग्रामीण बोले- बंकर में छुपते, सायरन देते चेतावनी; 4 दिन में गिरता पाक?

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केंद्र सरकार ने हाल ही में देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित करने के आदेश जारी किए हैं। यह कदम 1971 के भारत-पाक युद्ध की याद दिलाता है, जब ऐसा ही आदेश दिया गया था। राजस्थान के बाड़मेर जिले के कुछ बुजुर्गों ने उस समय का अनुभव शेयर किया है। उनका कहना है कि युद्ध के दौरान उन्होंने अपने गांव के आस-पास बंकर बनाए थे और भारतीय सेना की मदद करने के लिए तैयार रहते थे। बुजुर्गों का मानना है कि यदि आज की स्थिति में युद्ध होता है, तो पाकिस्तान चार दिन भी नहीं टिक पाएगा। उनकी यादों में वह दौर आज भी ताजा है जब पाकिस्तान ने 16 बम गिराए थे, लेकिन उनमें से एक भी नहीं फटा, और इसकी वजह उनथा मां हिंगलाज का आशीर्वाद।

रामसर के प्राग सिंह सोढ़ा ने बताया कि 1971 की लड़ाई में सेना ने पहले मॉक ड्रिल की थी। उन्होंने गांववालों को यह बताया था कि कब छिपना है और कब बाहर निकलना है। गांववालों ने इस दौरान खेतों में बंकर बना रखे थे, जहां सायरन बजने पर वे तुरंत छिपते थे। सायरन बजता था जब पाकिस्तान का हवाई जहाज आस-पास होता था। लंबा सायरन सुनकर वे गड्ढे में छिप जाते और घंटों बाद कुछ राहत की सांस लेते जब छोटा सायरन बजता। आज की मॉक ड्रिल के लिए सोढ़ा ने कहा कि वे फिर से बंकर बनाना शुरू करेंगे और यदि सेना को जरूरत पड़ी, तो वे तैयार रहेंगे।

सोढ़ा ने यह भी दावा किया कि अगर युद्ध होता है तो पाकिस्तान की फौज चार दिन में हार जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी सेना इतनी मजबूत है कि अगर पीओके पर कार्रवाई की जाती है, तो पाकिस्तान कई हिस्सों में टूट जाएगा और उसका अस्तित्व संकट में आ जाएगा। वे मानते हैं कि भारतीय सरकार ने पाकिस्तान पर कई सख्ती की है, जैसे पानी और एयर स्पेस पर प्रतिबंध, जिससे वहां की स्थिति संकट में आ गई है। इस सब के बाद, उनकी सोच है कि भारत को अब ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

बाड़मेर जिले के हरसाणी गांव के चैनसिंह ने बताया कि.border के लोग हमेशा सेना के साथ रहे हैं। 1965 और 1971 में भी वे सेना के साथ मिलकर जंग में शामिल हुए थे। उन्होंने याद किया कि उस समय प्रशासन ने उन्हें सही समय पर सायरन की पहचान कराई थी, जिससे वे एक जगह खड़े होकर या लेटकर खुद को बचा सकें। चैन सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि वे दुश्मनों की रेकी करने के लिए घोड़ों पर सवार होकर जाते थे और लौटकर सेना को जानकारी देते थे।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान लगातार भारतीय नागरिकों को नुकसान पहुंचा रहा है, और यदि इस पर काबू नहीं पाया गया, तो यह आगे भी जारी रहेगा। उनका विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समस्या का हल निकालेंगे। चैन सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि वे सेना के साथ हैं और आपातकाल में हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं। वे मानते हैं कि वे भी अपने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।