हिसार में एक लेडी डॉक्टर भावना यादव (25) की हत्या के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, हत्या का आरोपी उदेश उसे नजरअंदाज करने लगा था, जिसके चलते भावना ने अनजान नंबरों से उदेश को कॉल करना शुरू कर दिया। जब उदेश ने उसके फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया, तो भावना ने उदेश की पत्नी निक्की से सीधे बात करना शुरू कर दिया। निक्की ने पुलिस को 60 पन्नों की चैट जानकारी सौंपी है, जिसमें भावना और उसकी बातचीत के विवरण शामिल हैं। इन चैट्स में से कुछ स्क्रीनशॉट दैनिक भास्कर के पास भी पहुंचे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि भावना चिंता और तनाव में थी।
21 अप्रैल को जलने से तीन दिन पहले, भावना ने निक्की को संदेश भेजा और कहा, “मैं ठीक नहीं हूं, मैं खत्म हो जाऊंगी।” निक्की ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन भावना की स्थिति मानसिक तनाव की ओर बढ़ रही थी। चैट्स में यह स्पष्ट है कि भावना उदेश के प्रति गहरी भावनाओं से जुड़ी थी और वह उसकी अनुपस्थिति से बहुत परेशान थी। निक्की ने उसे सलाह दी कि वह उदेश से सीधे संपर्क करने की कोशिश करें, लेकिन भावना ने कहा कि वह अपने आपको इस तरह से समझा नहीं पा रही है।
निक्की ने बताया कि वर्ष 2018 में उनके और उदेश के बीच रिश्ते की बातें हुई थीं, लेकिन भावना की मां ने शादी के लिए इनकार कर दिया। इसके बाद से भावना ने उदेश के साथ एकतरफा प्रेम का अनुभव किया और शादी करने की इच्छा व्यक्त की। उदेश की मां मुनेश ने बताया कि हालात ऐसे बने कि भावना अपने परिवार को शादी के लिए मनाने में असमर्थ रही, जिससे निक्की और उदेश की शादी 2021 में तय हो गई।
22 अप्रैल को, निक्की ने भावना की पहुंच को भी गृहित रखा, जब उसका पति उदेश ने उसे बताया कि भावना उसके घर में आई थी और पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति में होने के कारण उसने दम तोड़ दिया। निक्की ने पुलिस को यह बताया कि भावना की मां ने शादी के लिए 35 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे उदेश के परिवार ने अस्वीकार कर दिया।
भावना की मां गायत्री ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि यह एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने पुलिस को बताया कि भावना की स्थिति जली हुई थी, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान भी थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसकी हत्या की गई है। यह मामला अब प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण जांच का विषय बन गया है और पुलिस एंगल से मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनने का काम किया है, बल्कि यह समाज में मानसिक स्वास्थ्य और रिश्तों की जटिलताओं को भी उजागर करता है। अब यह देखना होगा कि पुलिस अपनी जांच में क्या कदम उठाती है और किस प्रकार से इस संवेदनशील मामले में न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।