पाकिस्तान ने 10 मई को पंजाब में अपने हमलों को जारी रखते हुए चौथे दिन भी अटैक किया। सुबह के समय, पठानकोट एयरबेस, अमृतसर और जालंधर में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। सुरक्षा बलों ने अमृतसर में एक ड्रोन का पता लगाया, जिसे तुरंत नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तानी सेना ने ये आरोप लगाया है कि उन्होंने पठानकोट के एयरफील्ड को निशाना बनाया है और इसके साथ ही अमृतसर के ब्यास क्षेत्र में स्थित ब्राह्मोस मिसाइल की भंडारण साइट पर भी हमले का दावा किया है।
इससे पहले, शुक्रवार की रात 8:30 बजे के बाद से पाकिस्तान ने पंजाब में ड्रोन हमलों की एक लहर शुरू की। फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, गुरदासपुर, जालंधर और पठानकोट के विभिन्न इलाकों में कई ड्रोन अटैक किए गए। एक विशेष घटना में, फिरोजपुर के खाई सेमे गांव में एक ड्रोन गिरने से एक घर में आग लग गई, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, जब ड्रोन गिरा तब घर का बिजली का नजारा जल रहा था, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई।
रात के समय, जालंधर में आर्मी कैंप के आस-पास ड्रोन की गतिविधियों का पता चला। इस घटनाक्रम के बाद, पूरे शहर में सुरक्षा के मद्देनजर ब्लैकआउट का आदेश दिया गया। कंगनीवाल क्षेत्र में एक कार पर रॉकेट के समान एक वस्तु गिरी, जबकि झंडू सिंघा गांव में एक व्यक्ति पर ड्रोन का एक पुर्जा गिरकर उसे घायल कर गया। सुबह 4:25 पर प्रशासन द्वारा ब्लैकआउट समाप्त कर दिया गया, लेकिन उसके मात्र तीन मिनट बाद वेरका मिल्क प्लांट के निकट जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी।
पंजाब में हो रहे ड्रोन हमले के मामलों ने स्थानीय सुरक्षा बलों के लिए चुनौतियों को बढ़ा दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इन हमलों की गंभीरता को गंभीरता से ले रही हैं और सभी आवश्यक उपाय करने में जुटी हैं। पाकिस्तान का यह अतिक्रमण न केवल स्थानीय नागरिकों के लिए डर का कारण बन रहा है, बल्कि इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को भी चुनौती दे रहा है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी है ताकि इस प्रकार के हमलों को रोका जा सके।
सुरक्षा बलों की तत्परता और नागरिकों की जागरूकता के जरिए ही इस संकट से निपटने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे अटैक से निपटने के लिए तकनीकी उपाय और समुचित योजना बनाना आवश्यक है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। प्रदेश में शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सभी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।