**बरेली में पुलिसिया अत्याचार से एक युवक की मौत के बाद मचा हड़कंप**
बरेली के भुता इलाके में एक युवक सलमान की पुलिस द्वारा की गई पिटाई के चलते हुई मौत ने पूरे गांव को गम और दहशत में डुबो दिया है। सलमान की छोटी बहन अमरीन की आंखों में आंसू हैं, जब वह कहती हैं, “हम हाथ जोड़कर इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।” अमरीन के अनुसार, उनकी छह बहनें और वह अनाथ हो चुकी हैं, क्योंकि पुलिस ने उनके भाई की जान ले ली। सलमान के पिता अशफाक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे को निर्दोष होते हुए भी केवल इसलिए मारा क्योंकि वे मुस्लिम थे।
यह मामला तब शुरू हुआ जब सलमान पर एक लड़की को भगाने का आरोप लगाया गया। लड़की क्योलड़िया इलाके की थी, जो लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है। 26 अप्रैल को सलमान की पुलिस द्वारा पिटाई की गई, जिससे वह आंतरिक तनाव का शिकार हुआ और 1 मई को उसने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने न केवल सलमान के परिवार को तोड़ दिया बल्कि गांव में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है।
गांववालों के अनुसार, सलमान की पिटाई इतनी कठोर थी कि उसके शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि सलमान को पुलिस द्वारा लगातार धमकाए जाने का दबाव था, जिससे उसके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। उसके पिता अशफाक ने तो यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को रिश्वत भी दी, लेकिन इसका भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उनपर और उनके बेटे पर पुलिस का अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा था।
सलमान की मां मेहरून निशा का हाल बुरा है। उन्होंने कहा, “वह मेरा बच्चा था, जो मुझसे हमेशा कहता था कि पुलिस उसे बहुत मारती है।” वे लगातार अपने बेटे के लिए न्याय की मांग कर रही हैं और इस सच्चाई को उजागर करने के लिए लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। वह अपने बेटे के बिना अपने भविष्य को अंधकारमय महसूस कर रही हैं, क्योंकि सलमान ही उनके परिवार की आधारशिला था।
अशफाक ने घटनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि पुलिस की मारपीट का असर इस कदर था कि सलमान ने आत्महत्या करने का फैसला लिया। उसका कहना है कि जब उसने अपने बेटे को थाने में देखा, तो उसकी हालत खराब थी। तीन दिन तक सलमान दुखी रहा और अंततः उसने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अपनी सफाई दी है, जिसमें कहा गया है कि सलमान के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई, बल्कि उसके शरीर पर लगे निशान आत्महत्या के बाद के हैं। इस बीच, पुलिस ने इस मामले की जांच का आश्वासन भी दिया है और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई करने की बात की है। ऐसे में अभी यह देखना होगा कि क्या वास्तव में परिवार को न्याय मिल पाता है या फिर यह सिर्फ एक और उदाहरण बनकर रह जाएगा जहां पुलिस की ज्यादती सामने आई है।