पाकिस्तानी PM का खुलासा: नूर खान एयरबेस पर हमला, आकाशतीर ने किया विफल!

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में एक अहम बयान दिया है, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा नूर खान एयरबेस पर हमले की बात स्वीकार की है। उन्होंने शुक्रवार की रात को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 10 मई की रात लगभग 2:30 बजे पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने उन्हें इस हमले के बारे में सूचित किया। शरीफ ने दावा किया कि भारत की बैलिस्टिक मिसाइलों ने न केवल नूर खान एयरबेस, बल्कि कुछ अन्य संवेदनशील स्थानों को भी निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की वायुसेना ने स्वदेशी तकनीक और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर देश की रक्षा की और इन हमलों का प्रभावी ढंग से सामना किया।

इस बीच, भारत के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने बताया कि 9 और 10 मई की रात पाकिस्तान की ओर से हुए हमलों को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ‘आकाशतीर’ ने पूरी तरह से नाकाम कर दिया। ‘आकाशतीर’ एक स्वदेशी विकसित एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे तीनों सेनाओं ने अपनाया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत ने अपने रक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान की है और किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

सरकार की सुरक्षा बैठक की भी चर्चा हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल हुए। हालांकि इस बैठक में चर्चा के विषयों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि भारतीय सरकार इस समय सुरक्षा मामलों को लेकर गंभीर है और किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तत्पर है।

इन घटनाक्रमों के बीच, पाकिस्तान की ओर से हफ्ते भर से जारी तनाव के बीच भारत ने अपने रक्षा उपायों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया है। पहलगाम में हुए एक हालिया हमले के संदर्भ में, भारतीय सरकार ने 14 स्थानीय आतंकियों की सूची भी जारी की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा बलों को अब और भी अधिक चौकस रहने की जरूरत है।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह घटनाएं दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। सुरक्षा उपायों को सशक्त बनाना, सामरिक वार्ता स्थापित करना और शांति की दिशा में कदम उठाना बेहद आवश्यक है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। ऐसे में, दोनों देशों के बीच संवाद की पहल को बढ़ावा देना, भारत और पाकिस्तान की सुरक्षा और विकास के लिए आवश्यक है।