दुष्कर्म के मामले में नाबालिग पीडिता बयानों से पलटी, एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त को सजा

Share

दुष्कर्म के मामले में नाबालिग पीडिता बयानों से पलटी, एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त को सजा

जयपुर, 5 मई (हि.स.)। पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 महानगर, प्रथम ने नाबालिग को ब्लैकमेल कर कई बार दुष्कर्म करने वाले युवक सौरभ रठाडिया को दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अदालत ने पीडिता के अश्लील वीडियो फॉरवर्ड करने के आरोप से एक अन्य युवक विजय को दोषमुक्त कर दिया है। पीठासीन अधिकारी मीना अवस्थी ने अपने आदेश में कहा कि साक्ष्य के दौरान पीडिता पक्षद्रोही घोषित हुई है और उसने अपने साथ होने वाली घटना से इनकार किया है, लेकिन घटना के समय रिकॉर्ड अश्लील वीडियो और एफएफएस की ओर से उनका प्रमाणित होना घटना को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। ऐसे में ये स्वतंत्र साक्ष्य के रूप में अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं। अदालत ने कहा कि अभियुक्त ने अश्लील वीडियो विजय को भेजे थे। घटना की जानकारी पीड़ित पक्ष को देने के लिए ही विजय ने इन वीडियो को पीडिता के रिश्तेदार को फॉरवर्ड किए थे। वहीं उसकी ओर से वीडियो अभियुक्त से मंगाने और उसे वायरल करना साबित नहीं हुआ है।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजेश श्योराण ने अदालत को बताया कि पीडिता के पिता ने 21 नवंबर, 2022 को अपनी पुत्री के साथ मालवीय नगर थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी बेटी की उम्र 16 साल है। करीब चार माह पहले वह घर पर अकेली थी। इस दौरान अभियुक्त सौरभ वहां आया और उसके साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। जब पीडिता ने इससे इनकार किया तो अभियुक्त ने रेल से कटकर आत्महत्या करने की बात कही। आखिर में पीडिता ने अभियुक्त की बातों में आकर उससे संबंध बना लिए। इस दौरान अभियुक्त ने पीडिता के अश्लील वीडियो भी बना लिए। इसके बाद अभियुक्त आए दिन वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीडिता से संबंध बनाने लगा। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान पीडिता ने पूर्व में दिए अपने बयानों से मुकरते हुए कहा कि अभियुक्त ने उसके साथ संबंध नहीं बनाए हैं। इस पर अदालत ने पीडिता को पक्षद्रोही घोषित करते हुए एफएसएल रिपोर्ट व अन्य साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को सजा सुनाई है।

—————