फोटोशूट के दौरान लापता मॉडल की जंगल में मिली क्षत-विक्षत लाश, मौत से पहले हुआ अत्याचार!

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16 नवंबर 1995 को हॉलीवुड की लोकप्रिय मॉडल लिंडा सोबेक ने अपनी मां को फोन कर बताया कि उनका फोटोशूट होने वाला है और वे काम खत्म होते ही दोबारा संपर्क करेंगी। लेकिन यह उनके जीवन का अंतिम कॉल साबित हुआ। जब शाम तक लिंडा का फोन नहीं आया, तो उनके परिवार ने चिंता जताते हुए उनका पता लगाने की कोशिश की, किंतु उनका मोबाइल बंद पाया गया। जब परिवार ने उनकी रूममेट को कॉल किया, तो उन्होंने बताया कि लिंडा सुबह शूट के लिए निकली थीं और वापस नहीं लौटीं। 24 घंटे बाद, परिवार ने पुलिस में लिंडा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कुछ समय बाद, लिंडा का शव अर्ध-नग्न अवस्था में सड़ी-गली स्थिति में मिला, जिस पर कई चोटों के निशान थे।

लिंडा का जन्म 9 जुलाई 1968 को कैलिफोर्निया में हुआ था। वे स्कूल के दिनों से ही मॉडलिंग की ओर आकर्षित थीं और उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा। अपने 5 फुट 4 इंच के कद और खूबसूरती के चलते, उन्हें कई बड़े प्रोजेक्ट मिले। विशेषकर, लॉस एंजिलिस रेडर्स फुटबॉल टीम की चीयरलीडर बनने के बाद वे काफी लोकप्रिय हुईं। साल 1995 में, लिंडा को हॉलीवुड के प्रसिद्ध टीवी शो “मैरिड विद चिल्ड्रन” में काम करने का मौका मिला था, लेकिन उसकी तैयारियों से पहले ही वह गुमशुदा हो गईं।

लिंडा की तलाश में पुलिस ने उनकी रूममेट और आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि लिंडा अपने सभी मीटिंग और ऑडिशन को एक डायरी में नोट करती थीं, लेकिन पुलिस को घर से वह डायरी नहीं मिली। इसके बाद, एक कचरा बीनने वाले ने पुलिस को सूचित किया कि उसने मीडिया में एक लड़की की खबर पढ़ी है और उसने एंजिलिस नेशनल फॉरेस्ट में एक कूड़ेदान में लिंडा की तस्वीरें देखी थीं। यह एक महत्वपूर्ण सुराग बना और पुलिस ने साइट पर पहुंचकर तस्वीरें और लिंडा का डे प्लानर बरामद किया।

जैसे ही लिंडा के मामले की जांच आगे बढ़ी, पुलिस ने चार्ल्स रथबन नामक फोटोग्राफर की पहचान की, जिसने लिंडा के साथ फोटोशूट किया था। हालांकि, चार्ल्स के द्वारा दिए गए बयान में कुछ विरोधाभास था, जिससे पुलिस ने उन पर शक करना शुरू किया। जब पुलिस ने चार्ल्स को दोबारा बुलाने का प्रयास किया, तो उसने सतर्कता दिखाई और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया। चार्ल्स ने अपनी गिरफ्तारी के तुरंत बाद लिंडा की हत्या करने का इकरार किया।

मामले की पेचीदगी तब और बढ़ गई जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि लिंडा की मृत्यु एक हत्या के कारण हुई थी और उनके शरीर पर चोट के कई निशान मौजूद थे। कोर्ट में चार्ल्स के वकील द्वारा यह दावा किया गया कि लिंडा ने सहमति से संबंध बनाए थे। लेकिन वैज्ञानिक प्रमाणों के मिश्रण में कोर्ट ने चार्ल्स को दोषी पाया। उसके द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप भी सिद्ध हुए। अंततः, चार्ल्स को जीवन कारावास की सजा सुनाई गई, और वह अब जेल में है, अपनी अपराधों की क्षति की भरपाई करता हुआ।

यह मामला न केवल एक अनसुलझी गुमशुदगी की कहानी है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए हमें सतर्क रहना चाहिए। लिंडा की दुखद कहानी एक चेतावनी है कि हम अपने आस-पास के लोगों के प्रति सजग रहें।