54 साल बाद राजस्थान में पाक हमला नाकाम: जैसलमेर में ड्रोन गिराए, गांव खाली, एयरपोर्ट बंद!

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भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हाल ही में राजस्थान में पाकिस्तान ने कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की। यह घटनाएँ उस समय हुईं जब भारत ने पहलगाम हमले का जवाब देते हुए एयर स्ट्राइक की थी। यह हमला पाकिस्तानी फौज की ओर से राज्यों में की गई बमबारी का एक नया अध्याय है, जो कि राजस्थान में आखिरी बार 1971 में देखा गया था। गौरतलब है कि भारतीय सेना ने बुधवार और गुरुवार की रात को ड्रोन के माध्यम से किए गए हमलों को सफलतापूर्वक विफल किया, और सभी ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार रात को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की गई, और इसके बाद निर्णय लिया गया कि राजस्थान के सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा को और मजबूत किया जाए। इस क्रम में, कई सरकारी विभागों में खाली पदों पर तुरंत नियुक्तियां की गईं। इसके अलावा, संभावित खतरों से बचने के लिए कुछ गांवों को भी खाली कराने का निर्णय लिया गया, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पाकिस्तान ने उत्तरलाई, नाल और फलोदी एयरबेस पर 7-8 मई की दरमियानी रात पहली बार मिसाइल दागी थी, जिसे भारत के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, एस-400 ने नष्ट कर दिया था। इसके बाद, एक बार फिर 8 मई की रात को जैसलमेर और पोकरण के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले की कोशिश की गई थी। यह दो बार किया गया यह हमलों में ड्रोन के समूह द्वारा हमला करने की तकनीक को अपनाया गया, जिसे स्वार्म अटैक कहा जाता है। लेकिन भारतीय वायु सेना ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए सभी ड्रोन को नष्ट कर दिया।

राजस्थान में स्थिति को देखते हुए, सुरक्षा कारणों से रातभर छह जिलों में ब्लैकआउट का निर्णय लिया गया। जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, और पाली जिलों में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया। जैसलमेर में विशेष रूप से 9 से सुबह 6 बजे तक का ब्लैकआउट जारी रहेगा, जबकि श्रीगंगानगर में कॉलेज और कोचिंग सेंटर को बंद कर दिया गया है।

राजस्थान प्रशासन की ओर से अतिरिक्त अनुकूलता के उपाय भी किए जा रहे हैं। सीमा के निकट स्थित जिलों में फायरमैन के खाली पदों को तुरंत भरने का काम किया गया है, और राज्य के कर्मचारियों की छुट्टियाँ भी रद्द कर दी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। एक तरफ जहां सरकार ने सुरक्षा दरियों को मजबूत किया है, वहीं दूसरी ओर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इस बहुचर्चित घटना पर पल-पल की खबर पाने के लिए लोग विभिन्न ब्लॉग और समाचार स्रोतों पर ध्यान दे सकते हैं।