IAS पति की चौंकाने वाली रफ्तार: फाइलें निपटाने में टीना डाबी से 27 गुना आगे!

Share

राजस्थान में कलेक्टरों के फाइल प्रबंधन में हालिया समय में उल्लेखनीय तेजी आई है। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रदेश के विभिन्न कलेक्टरों और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रदर्शन रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसने काम करने की रफ्तार में सुधार को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। पहले जहां कलेक्‍टरों के पास दाखिल होने वाली फाइलें औसतन 36 घंटे तक अटकी रहती थीं, वहीं अब यह अवधि घटकर सिर्फ 2 से 3 घंटों तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि कुछ अधिकारी तो एक मिनट में 10 से 81 फाइलें निपटा रहे हैं।

हाल ही में जारी रिपोर्ट से यह भी ज्ञात हुआ है कि कई कलेक्टर दंपति अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी, जिन्होंने औसतन 1.2 फाइलों का निपटारा एक मिनट में किया, वहीं उनके पति जालोर के कलेक्टर प्रदीप गवांडे ने 2.5 फाइलें निपटारी की। भीलवाड़ा कलेक्टर जसमीत सिंह ने अपनी पत्नी अलवर कलेक्टर अर्तिका शुक्ला की तुलना में 27 गुना तेजी से काम किया। इस प्रकार, कलेक्टर दंपतियों के बीच यह प्रतिस्पर्धा और भी अधिक कार्यकुशलता की ओर इंगित करती है।

राजस्थान में युवा कलेक्टरों का प्रदर्शन अन्य अनुभवी अधिकारियों की तुलना में ज्यादा त्वरित दिखाई दे रहा है। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, टोंक, अजमेर, बांसवाड़ा और अलवर के कलेक्टरों ने फाइल प्रबंधन में विशेषतौर पर अच्छा कार्य किया है। इसके विपरीत, जयपुर के कलेक्टर जितेंद्र सोनी ने सबसे अधिक समय लिया, जहां मात्र 3 फाइलों का निपटारा उन्होंने 14 घंटे 51 मिनट में किया। इस तरह के आंकड़े आस-पास के क्षेत्र के कई कलेक्टरों के लिए चिंताजनक हो सकते हैं।

मुख्य सचिव सुधांश पंत की कठिन मेहनत और ई-फाइलिंग प्रणाली के समुचित कार्यान्वयन ने इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जनसुनवाई में पेंडेंसी पर कड़ी निगरानी रखी और सभी कलेक्टरों को फाइलों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रेरित किया। IT विभाग ने भी आवश्यक सुधार किए हैं, जिससे फाइल पढ़ने और ट्रैकिंग करना आसान हो गया है। ये सभी सुधार मिलकर राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी को अधिक प्रभावी और जनहित में कार्यरत बना रहे हैं।

इस रिपोर्ट द्वारा स्पष्ट होता है कि कलेक्टरों का फाइल प्रबंधन अब और अधिक प्रभावी हो गया है, जिससे आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिलने में तेजी आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिशा-निर्देशों के तहत यह प्रणाली अब उन योजनाओं से जुड़ी फाइलों को तेजी से निपटाने में सक्षम है, जिनका लाभ सीधे जनता को पहुंचाया जा सकता है। आशा है कि इस पहल से आगे भी सुशासन को मजबूती मिलेगी और विकास की गति में तेजी आएगी।