हरियाणा में युद्ध तैयारियों की आहट: सायरन के साथ छाया अंधेरा, पंजाब-शिमला शामिल!

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद, भारत ने मंगलवार रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, हरियाणा में बुधवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें आपात स्थिति के दौरान लोगों और कर्मचारियों को निकासी के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल का आयोजन शाम 4 बजे से शुरू होकर लगभग एक घंटे तक चला।

मॉक ड्रिल के दौरान कुछ स्थानों पर व्यवस्थागत खामियों का सामना किया गया। पंचकूला और अंबाला में काफी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। पंचकूला में, सेक्टर 20 में रेडक्रॉस की एंबुलेंस में स्ट्रेचर की अनुपस्थिति थी और पुलिस की भी कोई मौजूदगी नहीं थी। इसके कारण मेडिकल इमरजेंसी संबंधी वाहनों को कष्ट का सामना करना पड़ा। निगम कमिश्नर अपराजिता ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की और इसे मिस मैनेजमेंट करार दिया। उन्होंने कहा कि सभी वस्तुस्थिति को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।

इतना ही नहीं, अंबाला में मॉक ड्रिल आयोजित करने के लिए कोई उचित स्थान नहीं चिह्नित किया गया। इसके कारण एंबुलेंस को असंभावित स्थानों पर भेजा गया। अन्य जगहों पर, जैसे हिसार में मॉक ड्रिल के दौरान धुआं किया गया, जबकि फायर ब्रिगेड की टीम बिना आग बुझाए चली गई। मॉक ड्रिल के अंतर्गत एंबुलेंस भी खाली लौट गईं, जो आपात स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है।

हरियाणा में शाम साढ़े 7 बजे एक ब्लैकआउट का आयोजन किया गया, जिसमें कई स्थानों पर बत्तियां बंद की गईं। भिवानी में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा का काफिला रोका गया। एंबुलेंस, बसें और अन्य वाहनों को इस दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर ब्लैकआउट का प्रभाव मिश्रित रहा। यह आवश्यक था कि लोगों को इस तरह की आपात स्थितियों में किस प्रकार से एकत्र होकर बचाव करना है, इसके बारे में बताया जाए।

पंजाब, चंडीगढ़ और शिमला में भी समान समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यहाँ स्कूलों में बच्चों को आपात स्थिति के दौरान सुरक्षित स्थान पर छिपने के निर्देश दिए गए। मॉक ड्रिल के अंतर्गत घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देने की प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण भी दिया गया। यह मॉक ड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूकता लाने में मददगार साबित होगी।

इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को आपात स्थिति में तैयार रखना और आवश्यक प्रक्रियाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इस प्रकार, यह देखा जा सकता है कि भारत सरकार सुरक्षा और आपात स्थिति प्रबंधन में अत्यधिक सक्रिय है और इसके लिए लगातार प्रयासरत है।