भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद, हाल ही में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी साझा की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत-पाकिस्तान के बीच 10 मई को किए गए संघर्ष विराम के 25 घंटे बाद आयोजित की गई थी। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद, और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन की रणनीतियों के बारे में चर्चा की। उनका मानना है कि आतंकवादियों पर सटीक हमला करना उनकी प्राथमिकता है, ऐसा कोई कदम उठाना नहीं होगा जिससे आम नागरिकों को नुकसान पहुंचे।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के अधीन कश्मीर (PoK) में कई आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने 7 मई को हुए ऑपरेशन के दौरान सीमा पार 100 आतंकवादियों को मार गिराने की बात भी की। इनमें कंधार हाइजैक और पुलवामा हमलों में शामिल प्रमुख आतंकवादी भी शामिल थे। इसके बाद पाकिस्तान द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई का हवाला देते हुए बताया गया कि उनकी सेना ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमलों की कोशिश की, जिसे भारतीय वायुसेना ने प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर में की गई कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल आतंकवादियों को निशाना बनाना था, न कि पाकिस्तानी सेना या सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को। एयर मार्शल भारती ने कहा कि हमने मुरीदके और बहावलपुर स्थित आतंकवादी कैम्पों को तबाह कर दिया, जिससे उनके आतंकवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के ड्रोन और विमानों की तरफ से किए गए हमलों का भारतीय वायुसेना ने प्रभावी जवाब दिया, और हमारे पायलट सुरक्षित हैं।
सेना द्वारा साझा की गई जानकारियों में यह भी सामने आया कि भारतीय रेलवे के करीब के कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की पाकिस्तानी कोशिशों को नाकाम किया गया। एयर मार्शल ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने 10 मई को बातचीत के तीन घंटे बाद ही संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। भारतीय सेना ने शांति की कोशिश की, लेकिन युद्ध की स्थिति बनी रही, जिससे सेना को अपनी प्राथमिकी पर कायम रहना पड़ा। उन्होंने यह बताते हुए कि सभी पायलट सुरक्षित लौट आए हैं, भारतीय सेना की तैयारियों की पुष्टि की।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रश्नों का उत्तर देते हुए एयर मार्शल भारती ने कहा कि पाकिस्तान के कितने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है, इस पर कोई सटीक आंकड़ा नहीं दिया जा सकता, लेकिन उनकी सेनाओं पर प्रभाव पड़ा है। भारतीय सेना का उद्देश्य हानिकारक गतिविधियों को सीमित करना है, और यदि पाकिस्तान कोई आक्रामकता करता है तो उसे उचित जवाब देने की पूरी क्षमता है। अंत में, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अधिकारियों ने कहा कि वे आतंकवादियों को निशाना बनाना जारी रखेंगे और किसी भी स्थिति का सख्ती से जवाब देंगे।
यह सभी घटनाक्रम इस बात का संकेत हैं कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की आक्रामकता का मुँहतोड़ जवाब देने के लिए तत्पर है।