पहलगाम व झीरम घाटी में समानता, दोनों जगह सुरक्षा नहीं थी : पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश

Share

पहलगाम व झीरम घाटी में समानता, दोनों जगह सुरक्षा नहीं थी : पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश

दुर्ग, 24 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश ने आज गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस हमले में 27 परिवारों को उजाड़ दिया। बघेल ने इस आतंकी घटना को ‘झीरम घाटी की घटना’ से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए। वहीं संविधान बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित की जा रही ‘संविधान बचाओ रैली’ पर भी विस्तृत चर्चा की और भाजपा की आलोचना की।

भिलाई के एक निजी होटल में आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा क‍ि, पहलगाम की घटना पर गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले से देश की 140 करोड़ जनता व्यथित है। उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले में 27 परिवार उजड़ गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कल ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है।

उन्‍होंने कहा कि आज की इस वार्ता में ‘पहलगाम की घटना’ और ‘संविधान बचाओ रैली’ पर बात करने आए हैं। उन्होंने कहा कि धर्म पूछ-पूछ कर हत्याएं की गई, कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। वहींं जो लोग घोड़ा चला रहे थे, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर पर्यटकों को बचाया। इन दोनों घटनाओं में समानता यह है कि हमने भी झीरम में अपनों को खोया था। वहां भी सुरक्षा नहीं थी और पहलगांव में भी सुरक्षा नहीं थी।

भूपेश ने कहा कि 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के झीरम घाटी में भी नाम पूछ-पूछ कर मारा गया था। वहां भी 33 लोग मारे गए थे और पहलगाम में भी 27 लोगों की जान गई। पहलगाम में भी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल मदद के लिए सामने नहीं आया। इस घटना ने झीरम घाटी की घटना की याद ताज़ा कर दी। हमारे सभी नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की, शोक व्यक्त किया और केंद्र सरकार को समर्थन देने की बात कही। लेकिन भाजपा की सोशल मीडिया टीम ने सिर्फ ‘धर्म पूछ-पूछ कर मारा’ को ही मुख्य मुद्दा बना दिया। उन्‍होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वहां सहायता क्यों नहीं पहुंची? इसका जिम्मेदार कौन है? इंटेलिजेंस फेलियर का जिम्मेदार कौन है?

संविधान बचाओ रैली को लेकर भूपेश ने कहा कि आज राष्ट्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। संविधान को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने की तैयारी की जा रही है। रायपुर में कांग्रेस के अधिवेशन से पहले ईडी ने कई कांग्रेस नेताओं के घर छापे मारे। अहमदाबाद में भी राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई।

नेशनल हेराल्ड को लेकर भूपेश ने कहा कि, देश की आज़ादी में नेशनल हेराल्ड से निकलने वाली पत्रिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में है। उस संस्था पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जो सेक्शन 8 के तहत संचालित है।

भाजपा के नेता ने पांच हजार करोड़ रुपये के मामले का झूठा हल्ला मचाया, जबकि इस परिवार ने सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति दान कर दी है। भाजपा के नेता लगातार अफवाह फैलाने और कांग्रेस नेताओं को दुर्भावना से फंसाने की कोशिश की जा रही है। इसके विरोध में हमें निर्देश मिला है कि 40 दिनों तक लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें ‘संविधान बचाओ रैली’ का आयोजन भी शामिल है।

—————