8 नवंबर 2016 की सुबह बाड़मेर जिले के पचपदरा थाना में एक अज्ञात कॉल आई। कॉलर ने सूचित किया कि मंडापुरा साजियाली फांटा के निकट सड़क के किनारे एक युवक की लाश पड़ी है। सूचना मिलते ही तत्कालीन SHO जयकिशन सोनी ने पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। वहां पर पहले से ही स्थानीय लोग जमा थे। जब पुलिस ने शव को नजदीक से देखा तो पाया कि युवक के गले में रस्सी का फंदा लगा हुआ था, जिससे यह स्पष्ट था कि उसकी हत्या कर दी गई थी। शव के पास एक आदमी के पैरों के निशान के साथ-साथ मोटरसाइकिल के टायरों के निशान भी मिले, जो मामले की जाँच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य थे।
पुलिस ने आसपास की भीड़ से पूछताछ की कि क्या किसी ने युवक को पहचान लिया है, लेकिन सभी लोगों ने अनजान होने की पुष्टि की। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना थी कि मृतक युवक कौन है। मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर फोटो साझा किए गए, जिससे पुलिस को मदद मिली। पुलिस की यह कोशिश सफल रही और उन्होंने पता लगाया कि मृतक का नाम गोमाराम है, जो धोरीमन्ना थाने के कोठाला गांव का निवासी था। इस सूचना के बाद जांच आगे बढ़ाई गई और परिजनों को बुलवाकर शव की पहचान करवाई गई। गोमाराम के पिता गुमानाराम ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया।
गोमाराम के परिजनों से पूछताछ में पता चला कि उनका बेटा किसी से दुश्मनी नहीं रखता था और न ही उसे किसी खतरे का सामना करना पड़ा था। इस बीच, तत्कालीन एसपी गगनदीप सिंगला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई। पहली टीम नागाणा थाना के SHO देवीचंद ढाका के नेतृत्व में थी, जबकि दूसरी टीम कल्याणपुर के SHO चंद्र सिंह के अधीन थी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को पता चला कि गोमाराम का 15-16 साल पहले लुखू गांव के श्रवणराम चौधरी की बेटी वीरो से बाल विवाह हुआ था। उस समय गोमाराम की उम्र 10 वर्ष थी, जबकि वीरो मात्र 4 वर्ष की थी।
पुलिस ने पता लगाया कि गोमाराम अब जोधपुर में एक फैक्ट्री में काम करता था और उसकी शादीशुदा जिंदगी सामान्य थी। इसके बावजूद, जांच में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस को पता चला कि बाड़मेर के बाटाडू गांव में रहने वाला एक व्यक्ति गोमाराम के परिवार से निकटता रखता था। यह लड़का गोमाराम के घर जाता था, लेकिन दो महीने पहले वह गोमाराम के ससुराल अकेले गया था। यह जानकारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत था, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। हालांकि अभी तक किसी ठोस सबूत की कमी थी, लेकिन जांच के इस नए मोड़ ने पुलिस को नए सिरे से पड़ताल करने के लिए प्रेरित किया। मामले की गहराई में जाने के लिए पुलिस को और भी कई सवालों के जवाबों की तलाश थी। इसके आगे की जानकारी और जांच की स्थिति का जिक्र अगले हिस्से में किया जाएगा।