प्रयागराज की शक्ति दुबे ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में देश भर में पहली रैंक हासिल की है, जो उनकी मेहनत और समर्पण का फल है। शक्ति ने अपने 5वें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की, जब वह पिछले साल 12 अंकों से कट-Off से चूक गई थी। शक्ति ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “यह मेरी कई सालों की मेहनत है, मुझे विश्वास नहीं हो रहा था।” परिणाम आने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता को फोन किया और उनके साथ अपनी खुशी साझा की। शक्ति का परिवार नैनी की सर्वोदयनगर कॉलोनी में रहता है, जहां उनके घर के बाहर बधाइयों और खुशियों का आगाज हो गया।
जब शक्ति के पिता, देवेंद्र दुबे, घर लौटे, तो पार्टी का माहौल और भी गर्म हो गया। उन्हें गले लगाकर पड़ोसियों ने मिठाई खिलाई और शुभकामनाएं दीं। देवेंद्र, जो खुद एक पुलिस अधिकारी हैं, ने गर्व से कहा, “वह हमारी अफसर बेटी है। हमने हमेशा उसका समर्थन किया, लेकिन मेहनत खुद उसे करनी थी।” यह पूछे जाने पर कि उन्हें बेटी की सफलता के बारे में कब पता चला, उन्होंने बताया कि जब एक बजे कॉल आई तो वह मिठाई लेने दौड़ पड़े। शक्ति ने प्रारंभिक शिक्षा SMC स्कूल, घूरपुर से हासिल की और फिर आगे की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की।
शक्ति के माता-पिता ने साझा किया कि शुरू से ही उनकी बेटी का लक्ष्य IAS बनना था। देवेंद्र ने कहा कि पहले तीन प्रयासों में शक्ति प्री एग्जाम भी पास नहीं कर सकी, लेकिन चौथे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची, जो उनकी कठिनाई बता रहा था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पांचवे प्रयास में सफलता पाई। इस खुशी के पल में मां प्रेमावती ने कहा, “भगवान का धन्यवाद है कि मेरी बेटी ने यह सफलता हासिल की। उसने हमेशा मेहनत की है।”
पड़ोसियों और स्कूल के प्रिंसिपल ने भी शक्ति की उपलब्धि पर गर्व महसूस किया। प्रिंसिपल आशीष रंजन ने कहा कि शक्ति ने हमेशा से अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीरता दिखाई और उनका ख्वाब IAS बनना था, जो अब सच हो गया है। वहीं, शिक्षकों ने भी शक्ति की प्रतिभा की सराहना की और कहा कि यह कामयाबी उसकी मेहनत और लगन का परिणाम है।
शक्ति दुबे की सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह उसकी मेहनत और परिवार के समर्थन का जीवित उदाहरण है। उन्होंने न केवल अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं जो कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि मेहनत और समर्पण से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।