पति को ‘रॉन्ग नंबर’ नाम से सेव: बॉयफ्रेंड संग रच रही हत्या की खौफनाक साजिश!

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राजस्थान में जोधपुर के लूणी क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। रमेश पटेल, जो अपनी मौसेरी बहन को पटवारी के पद पर जॉइनिंग के बाद ट्रेनिंग के लिए जोधपुर ले जा रहे थे, उनकी बाइक को एक एसयूवी ने टक्कर मार दी। यह दुर्घटना इतनी भयंकर थी कि इससे दोनों भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभ में पुलिस ने इसे केवल एक सड़क हादसा समझा, लेकिन मृतक परिवार वालों ने इसमें हत्या की आशंका व्यक्त की, जिसका नतीजा धरना प्रदर्शन के रूप में सामने आया। पुलिस ने परिवार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले में मर्डर के एंगल से जांच शुरू की।

तलाशी के दौरान, जांचकर्ताओं का ध्यान रमेश की पत्नी गुड्डी की ओर गया। गुड्डी को हिरासत में लेकर सवाल-जवाब की प्रक्रिया शुरू की गई। शुरुवात में उसने इस फौजी वारदात में अपनी संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद पुलिस की सख्ती के आगे उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गुड्डी ने बताया कि रमेश और उसकी मौसी कविता की हत्या में उसका हाथ था। यह खुलासा खासतौर पर इसलिए चौंकाने वाला था क्योंकि गुड्डी की शादी रमेश से 2018 में हुई थी, जो उसने खुद अपनी पसंद के खिलाफ की थी। वह पहले से ही शंकर पटेल नाम के युवक से प्रेम कर रही थी, और विवाह से असंतुष्ट थी।

रमेश के साथ गुड्डी की शादी आटा-साटा प्रथा के तहत हुई थी, जिसमें एक घर की बेटी की शादी उस घर में कर दी जाती है। गुड्डी विवाह के बंधन में बंधने के बावजूद अपने प्रेमी शंकर के साथ अपने रिश्ते को जारी रखा। 2021 में जब यह नाजायज रिश्ता उजागर हुआ, तब रमेश पर पूर्व में एक हमले का भी जिक्र सामने आया, जो गुड्डी के प्रेमी शंकर द्वारा किया गया था। उस हमले के बाद रमेश को गुड्डी और शंकर के रिश्तों के बारे में जानकारी मिली, जिससे उनके बीच झगड़े बढ़े। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि गांव वाले इस संदिग्ध घटना को दुर्घटना मानने के लिए तैयार नहीं थे और असली मर्डर की आशंका जता रहे थे।

गांव में एक गाड़ी की गतिविधियाँ भी संदिग्ध थीं, जो दो दिन से वहीं घूम रही थी, जिससे ग्रामीणों का संदेह और बढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में गुड्डी ने बताया कि शंकर के साथ मिलकर रमेश की हत्या की साजिश रचने का काम किया जा रहा था। उसने शंकर को प्रेरित किया कि वह रमेश को मारने के लिए एक शख्स को सुपारी दे। इसके बाद शुरू हुआ एक खौफनाक खेल, जिसमें गुड्डी ने हर पल शंकर को रमेश की हर गतिविधि की जानकारी दी।

तभी एक दिन, जब रमेश की बाइक गुड्डी और शंकर के इशारे पर रवाना हुई, हादसा घटित हुआ। गुड्डी ने शंकर को सारे विवरण बताए और उसी के इशारे पर रमेश को मारने के लिए रमेश माली को टक्कर मारने के लिए भेजा गया। नतीजन, इस निर्मम टक्कर के चलते दोनों भाई-बहन की जान जा चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में साथियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि शंकर भागने में सफल हो गया। उसकी तलाश जारी है, जिससे इस हत्या के अंधेरे पहलुओं को उजागर किया जा सके।

यह प्रकरण न सिर्फ एक हत्या का मामला है, बल्कि यह उस प्रेम और धोखे की कहानी भी है जो रिश्तों के भीतर पनपती है। राजस्थान की यह घटना सिखाती है कि कभी-कभी हमारे करीबी लोग ही सबसे बड़े दुश्मन बन जाते हैं।