सरकार भेजेगी राजस्थानियों को लंदन: देखें आंबेडकर का घर, क्या आप पंचतीर्थ के योग्य?

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राजस्थान के दलित समुदाय के सदस्यों को राज्य सरकार की ओर से एक अनूठा अवसर प्रदान किया गया है। वे अब बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के लंदन स्थित आवास की सैर कर सकेंगे, जहां उन्होंने कानून की पढ़ाई की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर पंचतीर्थ योजना’ का शुभारम्भ किया गया है, जिसके तहत 50 चयनित व्यक्तियों का एक समूह देश के विभिन्न हिस्सों में बाबा साहेब से जुड़ी महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेगा। इस योजना का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि चयनित व्यक्तियों को लंदन की यात्रा का मौका मिलेगा, जिसके लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय जिम्मेदारी निभाएगा।

योजना के अंतर्गत लोगों को डॉ. अंबेडकर से जुड़े देशभर के पांच प्रमुख स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। कुछ सवालों के जवाब देने के लिए ‘भास्कर’ ने विशेषज्ञों से बात की। विशेष रूप से जानना यह है कि कौन-कौन से स्थान इस योजना में शामिल हैं। योजना की आवश्यकताओं और यात्रा के तौर-तरीकों को समझने के लिए बहुत से लोग उत्सुक हैं। इसके तहत यात्रा बस द्वारा की जाएगी, लेकिन अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद यह संभव हो सकता है कि भविष्य में ट्रेन यात्रा का विकल्प भी उपलब्ध किया जाए, जिससे यात्रियों की सुविधा बढ़ाई जा सके।

योजना में अपने चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इच्छुक व्यक्तियों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। इसके लिए अलग-अलग जिलों में सप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि सही तरीके से चयनित व्यक्तियों की पहचान की जा सके। यदि किसी को लंदन की यात्रा पर भेजा जाता है, तो उनके दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और वीजा की जानकारी भी ध्यान में रखी जाएगी।

यात्रा की अवधि और वहां भ्रमण के स्थानों के बारे में अधिक जानकारी के लिए अधिकारियों की एक बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि केवल बाबा साहेब का घर ही देखा जाएगा या अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की भी यात्रा की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत आवेदन कब से लिए जाएंगे, इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

सरकार ने इस योजना के पहले चरण के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट सुनिश्चित किया है, जिसके द्वारा 1000 चयनित व्यक्तियों को तीर्थ यात्रा पर भेजा जाएगा। पहले चरण में उन लोगों को भारत के विभिन्न स्थलों पर ले जाया जाएगा, और बाद में उनके दस्तावेजों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बनाई जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यात्रा के दौरान आवास और भोजन की सभी सुविधाएँ सरकार प्रदान करेगी, जिससे लाभार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस योजना के साथ ही, राजस्थान सरकार अन्य योजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। जैसे कि मुफ्त दवा योजना, जिसे अब प्राथमिकता से बाहर किया गया है। राज्य सरकार ने गहलोत राज की 33 योजनाओं को फ्लैगशिप कार्यक्रम से बाहर कर, अपनी 26 नई योजनाओं को शामिल करने का निर्णय लिया है। इस प्रकार, राजस्थान में समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सरकार की यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।