वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा का आयोजन होने जा रहा है, जिसके लिए एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की पूरी टीम पहले ही पहुंच चुकी है। दोपहर के समय एयरपोर्ट पर एसपीजी के अधिकारियों ने पहुंचते ही सीधे कार्यक्रम स्थल का रुख किया और वहां का ब्लूप्रिंट तैयार किया। इसके साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया गया। इस दौरान, प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर एक सेना के विमान ने टच एंड गो रिहर्सल भी किया। गुरुवार को एसपीजी की टीम डमी फ्लीट का रिहर्सल करेगी, जिससे प्रक्रिया को और भी धार दिया जाएगा।
इसके अलावा, एसपीजी ने एयरपोर्ट को और भी सख्त सुरक्षा प्रबंधों के लिए समर्पित कर दिया है। सभी विजिटर्स पास को 48 घंटे पहले ही निलंबित कर दिया गया है, जिससे केवल यात्री ही एयरपोर्ट के परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। इससे पहले, मुख्य सचिव मनोज सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने मंच और डी-स्थल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कई आवश्यक कदम उठाए हैं।
एसपीजी ने के लिए इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। मंच और डी-स्थल को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया गया है और मंच की सघनता से चेकिंग की जा रही है। बुधवार शाम को हेलीकाप्टरों के उतरने की व्यवस्था को भी खास ध्यान में रखा गया। तीनों हेलीपैड को सुरक्षा घेरे में रखा गया और टच एंड गो रिहर्सल सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। जर्मन हैंगर पंडाल में स्थित प्रधानमंत्री का मंच अब एसपीजी के हवाले कर दिया गया है, जहां सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर मीडिया गैलरी की व्यवस्था भी की गई है, जहां पत्रकारों के बैठने के लिए स्थान बनाया गया है। मंच के सामने बने डी मॉडल के बाद, वीआईपी कुर्सियों के लिए दो ब्लॉक बनाए गए हैं, जिसमें कुर्सियां बिछाई जा चुकी हैं। इसके साथ ही, 16 ब्लॉक में लाल प्लास्टिक की लगभग 8,000 कुर्सियों का आयोजन किया गया है। जगह-जगह पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कटआउट, होर्डिंग और बैनर लगाए गए हैं, जो जनसभा की रंगत को और भी बढ़ा देंगे।
कार्यक्रम स्थल के तीन दिशाओं में पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इस प्रकार की सुरक्षा प्रबंध और विस्तृत तैयारी प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ जनसभा के सफल आयोजन में सहायक सिद्ध होंगे। इस समग्र तैयारी से साफ है कि वाराणसी में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है।