क्या छेहर्टा पुल बन गया है नशेड़ियों का अड्डा? वीडियो तीसरी बार वायरल!

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**अमृतसर: नशे के खिलाफ पुलिस अभियान, फिर भी नशेड़ियों की गतिविधियां जारी**

अमृतसर में जहां एक ओर पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, वहीं नशेड़ी भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें नशेड़ियों को छेहर्टा बीआरटीएस ब्रिज पर नशे का टीका लगाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो समाजसेवी सरबजीत सिंह हैरी द्वारा बनाया गया है, जिसमें चार से पांच लोग ब्रिज पर बैठकर नशा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो बनता देख नशेड़ियों ने हाथ जोड़कर अपील की कि उन्हें कैद नहीं किया जाए और वीडियो को न बनाने की गुहार लगाई।

सरबजीत ने वीडियो में नशेड़ियों से पूछा कि वे नशा कहां से लाते हैं, तो उन्होंने बताया कि वे बासरके भैणी से रोजाना 200 से 250 रुपये में नशा खरीदकर लाते हैं। यह मामला अमृतसर में नशे की बढ़ती समस्या को उजागर करता है, जहां नशे की तस्करी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। इससे पहले भी 11 मार्च, 25 मार्च और 7 अप्रैल को इसी स्थान से नशा कर रहे लोगों की वीडियो सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

एसीपी वेस्ट शिवदर्शन सिंह ने बताया कि उन्होंने 8 अप्रैल की रात बीआरटीएस ब्रिज पर अपनी पुलिस टीम के साथ जांच की, लेकिन वहां उन्हें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उस स्थान पर अधिकतर लोग ऐसे होते हैं जिनके पास अपने घर नहीं हैं और वे वहीं भीड़ लगाकर रहते हैं। ब्रिज पर बिस्तर पड़े हुए थे, जो इस बात का संकेत देते हैं कि यहाँ रहने वालों की स्थिति कितनी कठिन है।

नशा न केवल व्यक्ति की सेहत को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज में भी कई समस्याएँ उत्पन्न करता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन का यह दायित्व बनता है कि वह नशे के विरूद्ध सख्त कदम उठाएं और नशा तस्करों को सजा दें। हालांकि, बार-बार इस क्षेत्र में नशे के सेवन की घटनाएँ सामने आना यह दर्शाता है कि नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहा है।

समाजसेवियों और स्थानीय निवासियों का मानना है कि पुलिस को न केवल त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि इस दिशा में दीर्घकालिक हल भी ढूंढना चाहिए। सामाजिक जागरूकता, नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना और युवाओं को विकल्प प्रदान करने जैसी कोशिशें जरूरी हैं ताकि नशे के इस बढ़ते जाल से बचा जा सके।

अमृतसर में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि समाज का हर वर्ग इस लड़ाई में शामिल हो। पुलिस, समाजसेवी और सामान्य नागरिक सभी को मिलकर इस नशे के जंजाल को समाप्त करने के लिए एकजुट होना पड़ेगा।