जाेधपुर शहर में आज रात महिलाओं का राज : धींगा गंवर मेले को लेकर महिलाओं में उत्साह
जोधपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। पूरे प्रदेश में अपने तरह का अनूठा मेला धींगा गंवर आज जोधपुर में भरेगा। मेले का मुख्य आकर्षण आज की रात महिलाओं का राज रहेगा। भीतरी शहर में रात से तडक़े तक मेले का उत्साह देखा जा सकता है। मेले में बढ़ रही बदसलुकियों को लेकर भी पुलिस और प्रशासन सर्तक है। काफी दिनों से पुलिस प्रशासन के साथ मेला आयोजन कमेटी ने विचार विमर्श किया है। डीजे साउण्ड सिस्टम पर पाबंदी लगाई गई है। मगर उसके बावजूद आज भीतरी शहर के मोहल्लों में लोगों ने डीजे सिस्टम को लगाना शुरू किया है। मगर पुलिस ने साउण्ड सिस्टम को जब्त करना भी शुरू कर दिया है। धींगा गंवर को मेला संस्कृति और परंपरा को बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष आयोजित होता रहा है। होली के बाद गंवर माता का पूजन करने वाली तीजणियां इसका आयोजन करती है। ऐसे में उनका उत्साह चरम पर रहता है।
बैंतमार भी कहते है :
इस धींगा गंवर मेले को बैंतमार मेला भी कहा जाता है। ऐसे में आज की रात्रि के समय महिलाएं अलग अलग स्वांग रचकर शहर के भीतरी इलाके में युवकों पर बैंत बरसाती नजर आएंगी। इसमें भीतरी शहर में विभिन्न स्थानों पर विराजित गंवर माता को आमजन के दर्शनार्थ विराजित किया जाएगा। पिछले कई दिनों से भीतरी शहर के अनेक गली-मोहल्लों में तीजणियों की ओर से पूजन किया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था और सजावट रहेगी :
इस मेले को लेकर जालोरी गेट से घंटाघर तक पुराने शहर के अंदर आज रात्रि के समय विशेष सजावट करने के साथ यातायात और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी जुटे हुए है। इसके साथ विभिन्न गणगौर कमेटियों के पदाधिकारियों ने भी उक्त सांस्कृतिक विरासत को बचाये रखने और संरक्षण देने के लिये इस बार कमर कस रखी है।
मंगलवार हुआ था लोटियां उत्सव का आयोजन :
मेला भरने से एक दिन पहले मंगलवार को रात में लोटियां का आयोजन चला। महिलाएं सिर पर लोटियां ऊंचाएं नजर आई और साथ ही स्वांग भी धरे गए। श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा सामूहिक गणगौर पूजन किया जा रहा है। तीजणियां पत्रित्र सरोवरों से जल भर कर लाई। समाज अध्यक्ष महेंद्र बोहरा और मंत्री नरेंद्रराज बोहरा ने बताया कि रानीसर से पवित्र जल भर कर गंवर मां को अर्पण किया गया।