राजस्थान में मौसम में बदलाव का क्रम लगातार बना हुआ है। बुधवार को राज्य के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्रों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर और जोधपुर संभाग में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि गुरुवार को भी इस पश्चिमी विक्षोभ के चलते ताजा स्थिति बनी रहेगी, जिससे कुछ जिलों में तेज़ आंधी के साथ बादलों की आवाजाही स्थापित रहेगी। ऐसे में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी का अनुमान है।
जयपुर मौसम केंद्र द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले 48 घंटों में मौसम में और परिवर्तन होने की संभावना बनती है। जोधपुर और बीकानेर संभाग में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने के साथ-साथ बादल भी गतिविधि करेंगे। हालांकि, इस दौरान बारिश की संभावना कम है। इससे पहले 28 मार्च को उत्तरी हवाओं के आंशिक प्रभाव से राज्य में तापमान में थोड़ी बहुत गिरावट देखी जा सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम परिवर्तन राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सामान्य तापमान में आ रही बढ़ोतरी को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। विशेषकर बीकानेर और जोधपुर में, जहां तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। इस बदलाव का लाभ आम जनता के लिए रहेगा, क्योंकि इससे गर्मी में राहत मिलेगी।
इस मौसम के बदलाव से एक बार फिर राज्य में सूखा मौसम लौटने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। 27 और 28 मार्च को जब उत्तरी हवाएं प्रभावी होंगी, तब न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके बाद राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग की तरफ से जारी निर्देश लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि वे मौसम के इस परिवर्तन का प्रभाव सही से समझ सकें।
इस प्रकार, राजस्थान में मौसम के हालात में तेजी से बदलाव आ रहा है, जो लोगों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। मौसम से जुड़ी जानकारी को ध्यान में रखकर ही नागरिकों को अपनी दिनचर्या तय करने की सलाह दी गई है।