दादाबाड़ी पुलिस थाने में एक गंभीर घटना घटी, जब देर रात खड़ी गाड़ियों में अचानक आग लग गई। यह आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटें काफी दूर से दिखाई देने लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग तेजी से फैली और इसमें थाने में खड़ी गाड़ियों के टायर भी जलने लगे। हालांकि स्थिति को देखते हुए, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना तुरंत नगर निगम को दी गई, जिसके बाद तीन दमकल गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर नियंत्रण पाने के लिए अपनी पूरी तत्परता दिखाई और लगभग आधे घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया। जलने वाली गाड़ियों में थाने में जब्त की गई गाड़ियां तथा स्क्रैप शामिल हैं। इस समय थाने के पीछे तीन विभिन्न स्थानों पर शादी समारोह चल रहे थे, जिसके दौरान वहां पटाखों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। यह भी संभव है कि पटाखों के कारण ही आग ने विकराल रूप लिया हो।
नगर निगम के मुख्य अग्निशामक अधिकारी, राकेश व्यास ने बताया कि यह घटना रात 11 बजे के आसपास हुई। आग लगने की सूचना मिलने के बाद तुरंत दो दमकल गाड़ियां भेजी गईं और बाद में एक अतिरिक्त दमकल भी स्थान पर भेजी गई। तीनों दमकलों ने मिलकर आग पर तेज़ी से काबू पाया, लेकिन आग से कितनी गाड़ियां और स्क्रैप जलकर राख हो गए हैं, इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।
वर्तमान में, आग लगने के कारणों की छानबीन की जा रही है। वहीं, स्थानीय प्रशासन इस मामले में जांच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि घटना के पीछे असल कारण क्या था। नागरिकों में यह चिंता भी है कि क्या किसी पत्ताखे के कारण ही यह आग लगी थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
अभी तक आग लगने की परिस्थितियों का खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन इस घटना ने शहरवासियों को हिलाकर रख दिया है। थाने में खड़ी सावधानी से जब्त की गई गाड़ियों का नुकसान होना एक बड़ी चिंता का विषय है। ऐसे में पुलिस और अग्निशामक विभाग के प्रयासों से समय रहते आग पर काबू पाना राहत की बात है। घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की उपस्थिति और दमकलों की त्वरित कार्रवाई ने इस हादसे को और भी गंभीरता से बचाया।