आयोग सदस्य ने किया पेपर लीक, क्या नहीं हुई पवित्रता भंग-हाईकोर्ट

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आयोग सदस्य ने किया पेपर लीक, क्या नहीं हुई पवित्रता भंग-हाईकोर्ट

जयपुर, 18 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में मौखिक टिप्पणी की है। अदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को कहा कि आयोग सदस्य ने परीक्षा से 32 दिन पूर्व ही पेपर लीक कर दिया था। ऐसे में क्या भर्ती की पवित्रता भंग नहीं हुई। वहीं अदालत ने राज्य सरकार को बुधवार को बहस जारी रखने को कहा है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश कैलाश चन्द्र शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने अदालत को बताया कि मामले में जांच जारी है और अभी तक पूरी तरह से यह पता नहीं चला है कि पेपर लीक में अन्य और कौन-कौन शामिल है। वहीं मामले में उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है। महाधिवक्ता और अन्य की राय मानना राज्य सरकार के लिए बाध्यकारी भी नहीं है। वहीं अदालती रोक के चलते राज्य सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है। इस पर अदालत ने कहा कि वे तीन माह का टाइम ले लें, लेकिन भर्ती रद्द करने को लेकर ठोस जवाब दे। एएजी ने कहा कि अदालती रोक के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में अदालत को रोक हटानी चाहिए। एएजी की ओर से यह भी कहा गया कि पेपर लीक होने के बाद वह व्यापक स्तर पर वितरित नहीं हुआ। हम आरोपियों पर कार्रवाई चाहते हैं। पूरी भर्ती रद्द होने से जिसने अपराध नहीं किया, वह भी अपराधी माना जाएगा। अदालती समय पूरा होने पर अदालत ने मामले की सुनवाई बुधवार को जारी रखने को कहा है।

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