आज बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता शाहिद कपूर का 44वां जन्मदिन है, जिस पर उनकी सफलता और संघर्ष भरी कहानी पर एक नजर डालते हैं। शाहिद ने फिल्म “इश्क-विश्क” (2003) से अपने करियर की शुरुआत की, जिसके बाद वह “विवाह”, “जब वी मेट”, “हैदर” और “कबीर सिंह” जैसी हिट फिल्मों में नजर आए। प्रारंभ में उनकी छवि चॉकलेटी हीरो की थी, लेकिन उन्होंने समय-समय पर अलग-अलग भूमिकाओं के लिए मेहनत करके साबित किया कि वे इंटेंस और विभिन्न प्रकार के किरदार निभाने में सक्षम हैं। यह सबकुछ आसान नहीं था, उन्होंने इसके लिए कई कुर्बानियां दीं, जैसे कि कभी-कभी उन्हें कड़ी डाइट फॉलो करनी पड़ी और धूम्रपान करना पड़ा।
शाहिद के करियर के आरंभिक दिन कटु रहे। उनके फिल्मी जीवन में पहले ऋतिक रोशन की एंट्री ने उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कराया। हालांकि, शाहिद ने कभी हार नहीं मानी। 2004 में उनकी फिल्म “फिदा” और “दिल मांगे मोर” ने बॉक्स ऑफिस पर असफलता का सामना किया। उस समय कई लोग मानते थे कि उनकी पहली फिल्म के बाद उनका करियर टेक न करेगा। लेकिन उनके लिए सौभाग्यवश सूरज बड़जात्या ने “विवाह” के लिए उन्हें कास्ट किया, जिसने उनके करियर को नया मोड़ दिया और यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई।
2007 में आई “जब वी मेट” ने शाहिद के करियर को और मजबूती दी, जिससे वह लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इस फिल्म में उनकी भूमिका को लेकर शुरुआत में चुनौतियाँ थीं, लेकिन करीना कपूर के साथ उनका जोड़ी बनाने से फिल्म को जबर्दस्त सफलता मिली। फिर भी, 2008 से 2013 तक का समय उनके लिए कठिनाई भरा रहा। विभिन्न प्रोजेक्ट्स में उनका काम औसत रहा, लेकिन 2013 की “आर राजकुमार” से उन्हें फिर से सफलता मिली।
“हैदर” फिल्म के लिए शाहिद ने किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि कहानी और निर्देशन सही है। इसके बाद “उड़ता पंजाब” में उन्होंने ड्रग्स एडिक्ट का किरदार बखूबी निभाया, जिसके लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से काफी मेहनत करनी पड़ी। उनकी यह भूमिका न केवल समीक्षकों द्वारा सराही गई, बल्कि उन्हें पुरस्कार भी मिले। शाहिद ने अपने जीवन में कई बार खाने की आदतों को बदला, ताकि उनके किरदारों की सच्चाई को दर्शाया जा सके। जैसे “कबीर सिंह” के लिए उन्होंने वजन घटाया और कई सिगरेट पीने का साहस किया, जबकि वह वास्तविक जीवन में पहले से सिगरेट नहीं पीते थे।
साल 2022 में “जर्सी” फिल्म के दौरान उन्हें चोट लगी, परंतु उन्होंने बाधाओं का सामना करते हुए अपनी मेहनत जारी रखी। उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स भी दर्शकों के बीच उनकी एक नई छवि प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं। बॉलीवुड में आगे भी शाहिद कपूर की सफलता की कहानी जारी रहेगी, क्योंकि वह हर बार नए प्रयोग करने के लिए तत्पर रहते हैं। अब वह “ब्लडी डैडी”, “तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया”, और “देवा” जैसी फिल्मों में दिखाई देंगे। उनके इस सफर से साबित होता है कि सच्ची मेहनत और समर्पण से सफलता हासिल की जा सकती है।