अब मिनटों में मिलेगी मनचलों को सजा! जानिए महिला सुरक्षा का नया डिजिटल तरीका

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जयपुर के त्रिवेणी नगर में 11 फरवरी को एक कोचिंग छात्रा के साथ सरेआम छेड़छाड़ के मामले ने राजस्थान पुलिस की तत्परता को उजागर किया है। घटना के दौरान एक युवक ने छात्रा के साथ अभद्रता की, जिसके बाद छात्रा ने ‘राजकॉप सिटीजन’ नामक मोबाइल ऐप के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। छात्रा के द्वारा भेजी गई सूचना के महज तीन मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना इस बात का सबूत है कि कैसे आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिस ने एक गंभीर स्थिति का तुरंत समाधान किया।

राजस्थान पुलिस का यह ऐप, जिसे आम नागरिकों के लिए बनाया गया है, न केवल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान करता है बल्कि इमरजेंसी स्थितियों में त्वरित सहायता भी करता है। भास्कर रिपोर्टर ने इस ऐप की कार्यप्रणाली का वास्तविकता जांच करने का निर्णय लिया। उन्होंने सबसे पहले पुलिस मुख्यालय जाकर स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आईजी शरत कविराज और डिप्टी एसपी नीतू चौहान से बातचीत की। उन्होंने बताया कि इस एप्लिकेशन के माध्यम से इमरजेंसी में सहायता मांगने पर तुरंत एक पुलिसकर्मी शिकायतकर्ता से संपर्क करता है। अब तक, इस ऐप के माध्यम से 9000 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं।

रिपोर्टर ने ऐप की कार्यप्रणाली का परीक्षण करने के लिए सबसे पहले ‘राजकॉप’ ऐप डाउनलोड किया और घटनास्थल से इमरजेंसी मदद के लिए एक ब्लैंक मैसेज भेजा। कुछ ही सेकंड में, कंट्रोल रूम से एक महिला पुलिसकर्मी का कॉल आया। यह स्पष्ट हो गया कि ऐप के जरिए भेजी गई सूचना पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, भले ही शिकायतकर्ता कोई संदेश टाइप करने में असमर्थ हो। इस प्रयोग ने ऐप की कार्यक्षमता को प्रमाणित किया, जिसके बाद भास्कर टीम ने कंट्रोल रूम के संचालन की पड़ताल की।

स्टेट कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिसकर्मी शिकायत प्राप्त करते ही शिकायतकर्ता की लोकेशन और मोबाइल नंबर के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हैं। पुलिसकर्मी शिकायतकर्ता से संपर्क करते हैं और समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित थाने को सूचित करते हैं। ऐसे में यदि नेटवर्क समस्या के कारण संपर्क नहीं हो पाता, तब भी सही लोकेशन का आधार लेकर पुलिस वहां पहुँच जाती है। इस प्रक्रिया में परिवर्तनों को देखने के बाद, यह स्पष्ट हो गया कि राजकॉप ऐप एक मार्गदर्शक माध्यम है, जो नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए प्रयासरत है।

इसके अतिरिक्त, राजकॉप ऐप में ‘नीड हेल्प’ और ‘राजकॉप एसओएस’ जैसे फीचर्स शामिल हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए बनाए गए हैं। यह फीचर्स उपयोगकर्ताओं को अपनी समस्याओं का और अधिक सटीक वर्णन करने में मदद करते हैं और शिकायत करने का प्रक्रिया काफी सरल बना देते हैं। आने वाले समय में ऐप में और भी नए फीचर्स जोड़े जाने की योजना है, जैसे वीडियो शिकायत भेजने की सुविधा, जिससे कि शिकायतकर्ताओं के पास ठोस प्रमाण भी होंगें।

हाल ही में, इस ऐप का उपयोग करके 9500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से अधिकतर महिलाओं द्वारा की गई हैं। इसमें छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, और उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। राजस्थान पुलिस ने इस ऐप के माध्यम से अपराधियों पर सख्त पकड़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे आम जनता को उनकी सुरक्षा का अहसास हो रहा है।