अमेरिका से डिपोर्ट गुरविंदर गिरफ्तार: पुलिस अधिकारी का बेटा, स्नैचिंग में फंसा मामला!

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लुधियाना, पंजाब से आ रही खबरों के अनुसार, मेहरबान क्षेत्र के ससराली कॉलोनी निवासी गुरविंदर सिंह (26 वर्ष) को अमेरिका ने हाल ही में डिपोर्ट किया है। गुरविंदर को थाना जमालपुर की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर स्नैचिंग का आरोप है। उनके परिवार में विवाह समारोह का आयोजन चल रहा है, और इस खुशी के माहौल में गुरविंदर की डिपोर्ट होने की खबर ने सबको सदमे में डाल दिया है। उनके परिवार ने बताया कि वे चचेरी बहन की शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं और मीडिया से बात करने से इन्कार कर दिया है। रिश्तेदारों का कहना है कि डिपोर्ट की खबर ने जश्न में बाधा डालने से पहले स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

गुरविंदर के परिवार के अनुसार, वह अमेरिका में जाकर एक नई जिंदगी की उम्मीद में 45 लाख रुपये का भुगतान करके ट्रैवल एजेंटों के जरिए गए थे। उनके पिता, दारी सिंह, जो पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल और पूर्व सैनिक हैं, ने अपने बेटे की इस यात्रा के लिए बड़ी रकम उधार ली थी। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि गुरविंदर का एक भाई पहले से ही कनाडा में बस चुका था, जिससे वह भी विदेश जाने के लिए प्रेरित हुआ। परिवार को शनिवार को पता चला कि गुरविंदर को अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। परिवार इस बात से अनभिज्ञ है कि उसने ‘डोंकी मार्ग’ का सहारा लिया था या नहीं।

गुरविंदर की यात्रा पिछले साल अक्टूबर में गुयाना पहुंचने के साथ शुरू हुई थी। उन्होंने 25 जनवरी को मेक्सिको-अमेरिका सीमा पार करने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया और बाद में डिपोर्ट कर दिया। इस यात्रा के पीछे एक पारिवारिक विवाद भी था, क्योंकि गुरविंदर अपने बड़े भाई और पिता के साथ संपत्ति में अपने हिस्से को लेकर मतभेद में था। यही कारण था कि उसने अमेरिका जाने का निर्णय लिया।

गुरविंदर के परिवार ने ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने उन्हें सुरक्षित और कानूनी यात्रा का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। परिवार को ये भी चिंता है कि यदि मीडिया में उनके डिपोर्ट की खबर फैली, तो इससे उनकी प्रतिष्ठा और शादी समारोह दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

गुरविंदर की यात्रा की जानकारी के अनुसार, उन्होंने अमृतसर एयरपोर्ट पर तीन अलग-अलग एजेंटों को 45 लाख रुपये का भुगतान किया था। अब परिवार इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने और अपनी बेटी की शादी को सफलतापूर्वक मनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि गुरविंदर की गैरकानूनी यात्रा पर उनकी निगाहें हैं।