पंजाब राज्य ने चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी तक की अवधि में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में, इस वित्तीय वर्ष में जीएसटी संग्रह में 11.87% की वृद्धि हुई है, जो राष्ट्रीय औसत 10% से भी अधिक है। इसके अलावा, राज्य ने आकलन में भी 15.33% की बढ़ोतरी की है जिससे कुल राजस्व जिसमें शुद्ध जीएसटी, आबकारी, वैट, सीएसटी और पीएसडीटी कर शामिल हैं, में 11.67% की एवरेज वृद्धि देखी गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, पंजाब ने 2008.58 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
पंजाब देश के उन तीन प्रमुख जनरल कैटेगरी स्टेट्स (जीसीएस) में से एक है, जिसने जीएसटी प्राप्ति में राष्ट्रीय विकास दर को पार किया है। जनवरी 2024 तक पंजाब ने यह प्रदर्शित किया कि चालू वित्तीय वर्ष में नेट जीएसटी प्राप्ति 19,414.57 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 17,354.26 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे। यह 2060.31 करोड़ रुपये की वृद्धि को दर्शाता है। जनवरी 2025 में शुद्ध जीएसटी में 9.73% की वृद्धि से राज्य को विदेशिता हुई, जिससे कुल 2008.58 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ जो जनवरी 2024 में एकत्रित 1830.52 करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है।
राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत देते हुए, चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी तक राजस्व का संग्रह 8588.31 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि में यह आंकड़ा 7446.46 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, 1141.85 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, जनवरी 2025 में आबकारी का विकास दर 15.91% रही, जिसके परिणामस्वरूप राज्य ने 893.04 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो जनवरी 2024 में 770.45 करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि कुल कर राजस्व में भी सुधार दिखा है। चालू वित्तीय वर्ष में, जनवरी तक नेट जीएसटी, आबकारी, वैट, सीएसटी और पीएसडीटी से कुल 34,704.4 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 31,078.94 करोड़ रुपये था। इस प्रकार, कुल 3,625.46 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। जनवरी 2025 में इन सभी करों से प्राप्ति में 12.48% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे जनवरी 2024 में 3,151.63 करोड़ रुपये की तुलना में जनवरी 2025 में कुल 3,545.09 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ।
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब राज्य का राजस्व संग्रह बढ़ रहा है और इसकी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन सुधार कर रहा है, जो राज्य के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है।