मोगा में प्लॉट बिक्री के नाम पर बाप-बेटे ने 30 लाख की ठगी, केस दर्ज!

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पंजाब के मोगा जिले में एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें दिल्ली निवासी एक पिता और उसके बेटे ने एक व्यक्ति से 30 लाख रुपए की ठगी की है। शिकायत के अनुसार, यह मामला मेहना थाना में दर्ज किया गया है, जहां गांव जैमलवाला के निवासी जगदीप सिंह ने डिंपल चड्ढा और उनके बेटे यश चड्ढा के खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई है। इस प्रकरण की जानकारी देते हुए एएसआई सुखपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित जगदीप सिंह तलवंडी भगेरियां में भूमि खरीद-फरोख्त के व्यवसाय में लगे हुए हैं।

19 जनवरी 2024 को एक संपत्ति के सौदे के लिए डिंपल चड्ढा और यश चड्ढा को 30 लाख रुपए का भुगतान करना था। हालांकि, इस तिथि पर आरोपियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के धनराशि का भुगतान करने से साफ मना कर दिया। जगदीप सिंह के अनुसार, उनके साथ यह धोखाधड़ी तब हुई जब आरोपियों ने पहले उनसे सम्पत्ति की बिक्री के लिए सहमति बनाई और धन की मांग की। लेकिन निर्धारित दिन पर जब समय आया, तो उन्होंने पैसे देने से इन्कार कर दिया, जिससे पीड़ित को आर्थिक नुकसान हुआ।

जगदीप सिंह की जानकारी और शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। इसके साथ ही, पुलिस ने यह भी कहा है कि वे आरोपियों को पकड़ने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहे हैं। यह मामला इस बात को दर्शाता है कि संभावित धोखाधड़ी के मामलों के प्रति लोगों को चौकस रहने की आवश्यकता है।

जगदीप सिंह की ओर से दिए गए बयान के अनुसार, उन्हें इस धोखाधड़ी से न केवल वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा बल्कि इसके कारण उनके व्यापार में भी बाधा उत्पन्न हुई है। ऐसे मामलों में अधिकतम सजाएं सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा जो कदम उठाये जा रहे हैं, वे महत्वपूर्ण हैं। जगदीप सिंह ने स्थानीय प्रशासन से भी मदद की अपील की है ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके और इस प्रकार के मामलों से दूसरों को सावधान किया जा सके।

यह घटना मोगा जिले में भूमि सौदों में धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है। इसलिए, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जमीन के कारोबार में अधिक सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार के लेनदेन से पहले सभी जरूरी जांच करें। पुलिस का मानना है कि अगर इस मामले में आरोपियों को जल्दी पकड़ा जाता है, तो इससे अन्य संभावित धोखाधड़ी करने वालों को भी संदेश जाएगा कि कानून कार्यशील है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।