लुधियाना में चाकू का कहर: छात्रों पर हमला, 3 घायल, आरोपी हुआ फरार!

Share

लुधियाना के बद्दोवाल स्थित पीसीटीई कॉलेज में हाल ही में हुए एक घटना ने छात्र जीवन को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। यहाँ एक फोन छीनने को लेकर छात्रों के बीच उत्पन्न विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस झगड़े का परिणाम यह हुआ कि चाकू मारने की घटना में तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। होटल प्रबंधन पाठ्यक्रम के छात्र लविश साही ने बताया कि पिछले कुछ समय से कुछ छात्र उन्हें परेशान कर रहे थे, और मंगलवार को इन छात्रों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी पीठ पर गहरे घाव लगे।

घटना के तुरंत बाद, कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। फिर भी, यह संकेत मिल रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कॉलेज के स्टाफ ने कथित रूप से किसी दबाव के तहत आरोपियों को छोड़ दिया। यह बात समझ से परे है कि किस तरह की परिस्थितियों के चलते कॉलेज प्रशासन ने ऐसा कदम उठाया, जो कि अन्य छात्रों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

घायल छात्र के पिता, उमेश ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस से न्याय की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके बेटे पर जानलेवा हमला किया गया है और उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण आरोपियों को बिना किसी सख्त कार्रवाई के छोड़ दिया गया। यह मामला गंभीर है और इससे यह सवाल उठता है कि शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। क्या राजनीतिक प्रभाव या दबाव छात्रों की सुरक्षा को खतरे में डालने का कारण बन सकता है?

पुलिस अधिकारी अवतार सिंह ने इस घटना की गंभीरता को समझते हुए कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और उचित कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। यह आवश्यक है कि सभी दोषियों को उनके कृत्यों के लिए सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति न हो सके। कॉलेज प्रशासन और पुलिस को चाहिए कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करें, ताकि छात्रों के बीच एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

इस प्रकार की घटनाएँ न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज में भी भय का माहौल बनाती हैं। इसलिए, यह बेहद आवश्यक है कि सभी संबंधित व्यक्ति इस दिशा में प्रतिबद्ध हों और छात्रों के हित में काम करें, ताकि ऐसे मामले भविष्य में न हों।