पंजाब के जालंधर में गुरुवार रात को एक अप्रिय घटना घटित हुई, जब डीजल मोटर यूनिट (डीएमयू) रेलगाड़ी रेल की पटरी से उतर गई। इस हादसे में किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, जो कि राहत की बात है। यह घटना शुक्रवार की रात को उस समय हुई जब डीएमयू गाड़ी मेंटेनेंस के बाद यार्ड से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थी। गाड़ी के पटरी से उतरने के बाद मौके पर मौजूद रेलवे अधिकारियों ने लगभग डेढ़ घंटे की मेहनत के बाद उसे दोबारा पटरी पर लाने में सफलता प्राप्त की।
जैसे ही यह घटना घटी, अधिकारियों ने तुरंत फिरोजपुर रेलवे मंडल को इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को फिरोजपुर रेलवे मंडल के अधिकारियों ने जालंधर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही, घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। हालांकि, रेलवे के अधिकारियों द्वारा इस घटना के संदर्भ में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है, जो कि चिंताजनक है।
जानकारी के अनुसार, घटना रेल लाइन नंबर 2 पर हुई। गाड़ी जब मेंटेनेंस के बाद बाहर आई, तभी अचानक पटरी से उतर गई। इससे पहले, गाड़ी रेलवे पर बनी स्लैब पर रुक गई। अधिकारियों ने तुरंत मदद के लिए पहुंचकर स्थिति को संभालने का काम शुरू कर दिया। आधे घंटे के भीतर सभी अधिकारी स्थल पर पहुंच गए और डीएमयू को फिर से पटरी पर चढ़ाने के प्रयास में जुट गए।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, कुछ लोगों ने रेलवे की सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि इससे पहले इसी महीने की 9 जनवरी को फिल्लौर और फगवाड़ा में एक मालगाड़ी भी पटरी से उतर गई थी। इस प्रकार, जालंधर में यह 21 दिनों में दूसरी बार हुआ है कि ऐसी दुर्घटना ने रेलवे के कामकाजी तंत्र पर प्रश्न चिह्न खड़े कर दिए हैं।
रेलवे की बढ़ती हुई इस प्रकार की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक हो सकती हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि रेलवे प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच करे और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन में सुधार लाने के लिए त्वरित कदम उठाना बहुत जरूरी है।