अमृतसर| पंजाब की जीएनडीयू (गवर्नमेंट नर्सिंग महाविद्यालय) में एक अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन किया गया। इस विशेष अवसर पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, करमजीत सिंह ने इस परियोजना का उद्घाटन करते हुए बताया कि यह यूनिट केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य फूड टेक्नोलॉजी में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यह यूनिट विद्यार्थियों को स्वतंत्र व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
करमजीत सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि ये सुविधाएँ भारत की कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालयों में ही उपलब्ध हैं, जो कच्चे माल की संभाल से लेकर तैयार उत्पादों की मार्केटिंग तक एक संपूर्ण प्रक्रिया का अनुभव प्रदान करती हैं। यह यूनिट न केवल छात्रों के लिए बल्कि स्थानीय व्यापारियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जिससे उद्योग को मजबूती मिलेगी और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता तथा स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
खेतीबाड़ी विभाग के मुखी डा. पीके पती ने उद्घाटन समारोह में जानकारी दी कि यह यूनिट निरंतर खाद्य उत्पादन के क्षेत्र में लाइन एक्सट्रूशन तकनीक का उपयोग करेगी। इस प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें अनाज, स्नैक्स, पालतू जानवरों का भोजन, पास्ता, नूडल्स और टेक्सचर्ड वेजिटेबल प्रोटीन शामिल हैं। इससे छात्रों को उनके करियर के लिए विभिन्न विकल्पों के प्रति जागरूक करने का अवसर मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण पहल के दौरान, डा. रेणु वधवा, डा. सुनील कौल और अन्य विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। उन्होंने यूनिट के विकास में अपने योगदान के लिए प्रशंसा व्यक्त की और इसे एक सामूहिक प्रयास बताया। इस तरह की सुविधाएँ न केवल स्थानीय रूप से खाद्य उत्पादन में सुधार करेंगी, बल्कि विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरित करेंगी, जो देश के कृषि और खाद्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।
इस प्रकार, जीएनडीयू में स्थापित यह फूड प्रोसेसिंग यूनिट न केवल उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगी, बल्कि छात्रों और उद्यमियों के लिए एक नई मार्गदर्शिका के रूप में भी उभरकर सामने आएगी। यह कदम भारतीय खाद्य उद्योग में नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा और छात्रों को अपने ज्ञान और कौशल को व्यावहारिक रूप में लागू करने का अवसर प्रदान करेगा।