पंजाब के फाजिल्का जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए उनके घर को तोड़ डाला। यह मामला गांव जांडवाला भीमेशाह की रहने वाली अमरजीत कौर से जुड़ा हुआ है। अमरजीत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने बताया कि उसकी शादी 25 साल पहले मुंशी राम से हुई थी। हाल के सालों में, मुंशी राम नशे की लत में सराबोर हो गया, जिसके कारण अमरजीत उसके साथ मुश्किलों का सामना कर रही थी। इस स्थिति के चलते, वह पिछले दो वर्षों से अपने बच्चों के साथ अलग रह रही थी, जबकि उसके पति ने अपनी मां सिमरो बाई के साथ एक अलग आवास में रहने का निर्णय लिया था।
हालांकि, इस दुखद मामले का सबसे अधिक चिंताजनक पहलू तब सामने आया, जब अमरजीत कौर काम पर जाने के दौरान उसके पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके घर को नुकसान पहुंचाया। जब अमरजीत अपने काम से लौटकर घर पहुंची, तो उसने देखा कि घर की दीवारें और छत पूरी तरह से तोड़ी जा चुकी हैं। न केवल घर का गेट टूटा हुआ था, बल्कि घर के अंदर रखा सभी सामान भी गायब था। इस सब को देखकर अमरजीत के सामने एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
जब अमरजीत ने पड़ोसियों से इस मामले की जानकारी ली, तो उसे पता चला कि उसके पति मुंशी राम और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर उसके घर को तोड़ने का कार्य किया। यह जानकर अमरजीत को गहरा सदमा लगा और उसने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया। थाना अरणीवाला पुलिस ने अमरजीत की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुंशी राम, उसकी मां सिमरो बाई और एक अन्य छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तेजी से कदम उठाने का आश्वासन दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना न केवल पारिवारिक विवादों की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि समाज में नशे के प्रभाव से कैसे परिवारों में बिखराव आ सकता है। अमरजीत की स्थिति ऐसे कई लोगों के लिए चेतावनी है, जो नशीले पदार्थ के आदी व्यक्तियों के साथ रहने को मजबूर हैं। समाज को इस तरह के मामलों पर जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई इस बात का संकेत है कि कानून में सभी के लिए एक समान प्रावधान है और किसी को भी इस तरह की हिंसा और अन्याय के लिए अनदेखा नहीं किया जाएगा।