आज मौसम विभाग ने पंजाब और चंडीगढ़ में शीतलहर को लेकर एक बार फिर से चेतावनी जारी की है। हाल के दिनों में पंजाब के कई क्षेत्रों में घना कोहरा देखने को मिला है, खासकर अमृतसर और पठानकोट में, जहां दृश्यता स्तर पूरी तरह से जीरो हो गया है। इस अत्यधिक खराब मौसम के कारण हवाई और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। उदाहरण के लिए, मिलान से अमृतसर आने वाली फ्लाइट को 2.43 घंटे की देरी का सामना करना पड़ा और उसे लैंडिंग से पहले आधे घंटे तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। इसी तरह, मुंबई से आने वाली एक इंडिगो की फ्लाइट भी करीब 25 मिनट तक उड़ान में ही रही।
हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिन राहत देने वाले हो सकते हैं। लेकिन 4 जनवरी के बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव की संभावना है और फिर से बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। विशेष रूप से चंडीगढ़ में मौसम की स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। दूसरी ओर, पंजाब के फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में शीतलहर के लिए चेतावनी जारी की गई है। अन्य क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बनी रहेगी और इसलिए अन्य जिलों के लिए कोई विशेष एडवाइजरी नहीं है।
4 जनवरी को, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका प्रभाव मैदानी और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है। उस दिन अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और होशियारपुर में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, 5-6 जनवरी को भी पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है। अगर यह पश्चिमी विक्षोभ मजबूत होता है, तो यह इस साल की पहली बारिश मानी जाएगी।
दिसंबर महीने में पंजाब में सामान्य से 126 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जो किसानों के लिए राहत की बात साबित हो रही है। आमतौर पर इस महीने में 10.9 एमएम बारिश होती है, लेकिन इस बार 24.7 एमएम बारिश हो चुकी है। वर्तमान में, पंजाब में 34 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। किसानों का मानना है कि दिसंबर और जनवरी में होने वाली बारिश उनकी फसल के लिए अच्छी साबित होगी, जिससे उनकी फसलें सूखने के बजाय बेहतर स्थिति में रहेंगी।
चंडीगढ़ और अन्य शहरों का मौसम भी शामिल है, जहां हल्के बादल छाए रहेंगे। चंडीगढ़ में तापमान 10 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली में भी तापमान लगभग इसी रेंज के आसपास रहने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों को ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। सभी क्षेत्रों में मौसम का यही हाल रह सकता है, जिससे नागरिकों को अलर्ट रहना होगा।